जैविक गेहूं, धान और दालों के किसानों को एनसीओएल से बड़ा लाभ दिया गया
21 Aug, 2025
नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) ने जैविक गेहूं, धान और दालों के किसानों के हित में कई ठोस कदम उठाए हैं, जिससे उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर आमदनी और स्थायी बाज़ार मिल रहा है।
पलवल में गड्ढे में डूबकर तीन बच्चियों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
21 Aug, 2025
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हरियाणा के पलवल ज़िले के सेवली गांव में 6 अगस्त 2025 को हुई एक दर्दनाक घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है।
एआई/एमएल, रोबोटिक्स, 5G और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसी नई पीढ़ी की स्किल्स पर विशेष फोकस
21 Aug, 2025
भारत सरकार का कौशल भारत मिशन (Skill India Mission – SIM) युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहा है।
पीएम मत्स्य संपदा योजना और गोकुल मिशन जैसी योजनाओं से बढ़ी उत्पादकता, मछुआरों की आजीविका होगी सुरक्षित
21 Aug, 2025
भारत में समुद्री मत्स्य उत्पादन में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में जहां उत्पादन 34.76 लाख टन था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 44.95 लाख टन हो गया।
कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन और मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स से पशुपालकों को बड़ी मदद
21 Aug, 2025
देशभर में स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2014 से लागू राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) ने झारखंड सहित पूरे देश के डेयरी किसानों को बड़ा लाभ पहुंचाया है।
ओडिशा के दूरदराज़ इलाकों में पशु चिकित्सा सुविधाएँ हो रहीं सुलभ, मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स से किसानों को मिल रही मदद
21 Aug, 2025
पशुपालन एक राज्य का विषय है और इसी आधार पर ओडिशा सरकार ने अपने भौगोलिक हालात, पशुओं की संख्या और रोगों की स्थिति को देखते हुए पशु अस्पतालों की स्थापना और स्टाफिंग की व्यवस्था की है।
पशुपालन उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने किया वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम का संचालन
21 Aug, 2025
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अधीन पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) ने "पशुधन उत्पादकता बढ़ाने हेतु वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम" का आयोजन किया।
मत्स्य क्षेत्र की सुरक्षा हेतु केंद्र सरकार के ठोस कदम उठाए
21 Aug, 2025
मत्स्य पालन एक राज्य सूची का विषय है और देश के सभी तटीय राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश (UTs) अपने-अपने मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट (MFRAs) के माध्यम से समुद्री मत्स्य पालन का संचालन कर रहे हैं।