ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की व्यापक पहल
31 Mar, 2026
देश में ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं और रणनीतियां लागू की हैं। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह.......
फसल अवशेष से बनेगा ‘बायो-बिटुमेन’, भारत को हर साल 40,000 करोड़ रुपये की बचत का रास्ता
31 Mar, 2026
भारत में अब फसल अवशेष (पराली) को जलाने की समस्या का एक बड़ा और टिकाऊ समाधान सामने आया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित बायो-बिटुमेन तकनीक के माध्यम से .........
March में ganne ki kheti, 100 टन उत्पादन संभव
31 Mar, 2026
March में ganne ki kheti से किसान बेहतर शुरुआत कर सकते हैं। सही किस्म, संतुलित पोषण और आधुनिक तकनीक अपनाकर प्रति हेक्टेयर 100 टन तक उत्पादन हासिल करना संभव है।
सीएसआईआर-निस्पर और विज्ञान नगरी आंध्र प्रदेश के बीच समझौता, विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान को मिलेगा नया बल
31 Mar, 2026
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (निस्पर) ने विज्ञान संचार को सशक्त बनाने और विज्ञान.....
MSME का बढ़ता निर्यात दम: सरकार की नई पहलों से वैश्विक बाजार में बढ़ी हिस्सेदारी
31 Mar, 2026
देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र ने निर्यात के मोर्चे पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल व्यापारिक निर्यात में.....
डिमापुर में MSME जागरूकता शिविर: 300+ उद्यमियों को मिला बड़ा मंच, सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर
31 Mar, 2026
उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय व्यवसायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एमएसएमई मंत्रालय ने नागालैंड सरकार और नागा व्यापार संघ (बीएएन)....
बिहार में कर्ज की बारिश का रोडमैप तैयार, लेकिन आंकड़ों पर उठे सवाल—नाबार्ड की रिपोर्ट से खुली बड़ी तस्वीर
31 Mar, 2026
बिहार के कृषि और ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए राज्य फोकस पेपर (SFP) जारी कर दिया है।
पश्चिम बंगाल: 2-3 टका में बिक रहा आलू, किसान बेहाल! लागत भी नहीं निकल रही, बढ़ा संकट
31 Mar, 2026
पश्चिम बंगाल के बाजारों में इन दिनों आलू की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ सस्ते आलू से उपभोक्ताओं को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह स्थिति गंभीर संकट बन गई है।