एलुमनाई की पहल से एग्रीबिजनेस में AI साक्षरता को बढ़ावा, 18 हजार से अधिक लोग लाभान्वित
30 Mar, 2026
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) ने अपने एलुमनाई और Aadvi Business Structures LLP के सहयोग से “AI लिटरेसी प्रोजेक्ट” के माध्यम से कृषि और एग्रीबिजनेस क्षेत्र में एक नई दिशा देने का कार्य किया है।
Apple Farming का इतिहास और विकास की कहानी
30 Mar, 2026
Apple Farming का इतिहास और विकास किसानों की मेहनत, परंपरा और आधुनिक तकनीकों की कहानी है, जिसने कृषि को मजबूत बनाया और ग्रामीण जीवन को समृद्ध किया।
बिहार में सियासी भूचाल! नीतीश कुमार ने MLC पद छोड़ा, CM बने रहेंगे – क्या बदलने वाला है बड़ा समीकरण?
30 Mar, 2026
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर कार्यशाला आयोजित, शोध को बाजार से जोड़ने पर जोर
30 Mar, 2026
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के टेक्नोलॉजी मार्केटिंग एवं IPR सेल तथा पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में “आईपीआर प्रबंधन” विषय पर एक......
पीएयू के सात कृषि अभियंताओं ने GATE 2026 में रचा इतिहास, ऑल इंडिया रैंक से बढ़ाया गौरव
30 Mar, 2026
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (COAET) के सात विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित Graduate Aptitude Test in Engineering (GATE) 2026 .....
गुरदासपुर में पीएयू का क्षेत्रीय किसान मेला सफलतापूर्वक संपन्न, टिकाऊ खेती और नई तकनीकों पर जोर
30 Mar, 2026
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू), लुधियाना के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, गुरदासपुर द्वारा आयोजित किसान मेला उत्साह और व्यापक भागीदारी के साथ संपन्न हुआ।
Gehu Ki Kheti: आधुनिक तकनीक से बढ़ाएं मुनाफा
28 Mar, 2026
भारत दुनिया के प्रमुख गेहूं उत्पादक देशों में शामिल है और देश के कई राज्यों में बड़े स्तर पर Gehu Ki Kheti की जाती है। यह फसल किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
गाँव में 10,000 रुपये में शुरू होने वाले छोटे-छोटे व्यवसाय: ग्रामीण रोज़गार का मजबूत रास्ता
28 Mar, 2026
भारत का गाँव आज तेजी से बदल रहा है। पहले जहाँ ग्रामीण परिवार खेती पर ही पूरी तरह निर्भर रहते थे, वहीं अब छोटे–छोटे व्यवसाय भी गाँव की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं।