बजट 2026 में उर्वरक नीति और एग्री-टेक पर जोर, ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मजबूत कदम: FAI
20 Feb, 2026
केंद्रीय बजट 2026 का स्वागत करते हुए The Fertiliser Association of India (एफएआई) ने कहा है कि उर्वरक सब्सिडी की निरंतरता, कृषि क्षेत्र में निवेश और तकनीक आधारित खेती को प्रोत्साहन ‘विकसित ...
मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए युवाओं को आगे लाने की पहल, उर्वरक सचिव ने कृषि पेशेवरों से की सीधी चर्चा
19 Feb, 2026
देश की कृषि भूमि की सेहत को सुरक्षित रखने और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उर्वरक विभाग ने युवाओं को इस अभियान का प्रमुख भागीदार बनाने की पहल की है।
यूपी में किसानों के लिए नया डिजिटल ऐप, उर्वरक वितरण अब होगा पारदर्शी और रकबा-आधारित
16 Feb, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उर्वरक वितरण को पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से बी-पैक्स सहकारी समितियों के लिए नया डिजिटल ऐप विकसित किया है।
खाद की खरीद अब होगी डिजिटल! सरकार के नए नियमों से बदल जाएगी खेती की तस्वीर
10 Feb, 2026
वर्ष 2025–26 के दौरान केंद्र सरकार ने खाद वितरण, सब्सिडी व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर कई बड़े और सख्त नियम लागू किए हैं। इनका मकसद है — पारदर्शिता बढ़ाना है।
2026 में भारत को रूस का केमिकल फर्टिलाइज़र का एक्सपोर्ट 66.2% बढ़ेगा
09 Feb, 2026
मंत्रालय के अनुसार, केमटेक में 15 रूसी कंपनियों के स्टैंड हैं, जबकि भारतीय पार्टनर्स के साथ 200 से ज़्यादा बाइलेटरल मीटिंग हो चुकी हैं।
तमिलनाडु में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, नकली उर्वरकों पर केंद्र की सख्त कार्रवाई: जगत प्रकाश नड्डा
07 Feb, 2026
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु में खरीफ 2025 और मौजूदा रबी 2025-26 सीजन के दौरान किसानों के लिए सभी प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
सरकार ने किसानों के लिए बीज और उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की
04 Feb, 2026
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। खरीफ और रबी सीजन से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ....
बजट 2026–27: कृषि और उर्वरक क्षेत्र के लिए निरंतरता, स्थिरता और संतुलन का संकेत
03 Feb, 2026
केंद्रीय बजट 2026–27 में कृषि को लचीलापन, उत्पादकता और वहनीयता के संतुलन के साथ आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। जिला-स्तरीय लक्षित कार्यक्रमों, मजबूत बीज प्रणाली,