ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अवैध कीटनाशकों की बिक्री पर CropLife India की कड़ी चिंता, सख्त नियामक ढांचे की मांग
21 Jan, 2026
भारत में फसल सुरक्षा उत्पादों की अग्रणी औद्योगिक संस्था CropLife India ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनधिकृत और अवैध कीटनाशकों की बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
पटना में ‘मुक्ति’ ब्रांड का शुभारंभ: जेल में बने उत्पाद अब खादी मॉल और बिहार संग्रहालय में बिकेंगे
21 Jan, 2026
जेल में सजा काट रहे बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को पहचान दिलाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक अहम पहल की है।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने गुवाहाटी में भारतीय उद्यमिता संस्थान और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर का किया दौरा
21 Jan, 2026
कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने असम के दो दिवसीय दौरे के दौरान भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE), गुवाहाटी का दौरा किया।
Gehu Ki Kheti: साल दर साल किसानों का भरोसेमंद सहारा
21 Jan, 2026
भारतीय खेती में गेहूं की पीढ़ियों से एक खास जगह रही है। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के खेतों तक, गेहूं की खेती रबी सीजन की खेती की रीढ़ बनी हुई है।
मिट्टी से मुकाम तक किसान की मेहनत और Agriculture Production की कहानी
21 Jan, 2026
किसान की मेहनत, मिट्टी से जुड़ा विश्वास और बदलते समय की समझ मिलकर कृषि उत्पादन को आकार देती है, जो खेत से घर तक जीवन, सम्मान और भविष्य की उम्मीद पहुँचाती है।
2026 में अपराजिता को जनवरी में संभालें, फूल रुकेंगे नहीं
21 Jan, 2026
2026 में अपराजिता की सफलता जनवरी की सही देखभाल पर निर्भर है। समय पर छंटाई, संतुलित पानी, धूप और जैविक पोषण से Aparajita Flower लंबे समय तक लगातार खिलते रहते हैं।
असम में ग्रामीण सशक्तिकरण को बड़ी मजबूती: केंद्र सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के लिए ₹213.9 करोड़ जारी किए
21 Jan, 2026
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा पुणे में आयोजित दो दिवसीय जन शिक्षण संस्थान (JSS) जोनल सम्मेलन-सह-हितधारक परामर्श एवं प्रगति समीक्षा कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
डिजिटल मंडी का नया युग Anaaj Kharid Portal
21 Jan, 2026
डिजिटल मंडी का नया युग किसानों को पारदर्शी खरीद, समय पर भुगतान और उचित मूल्य का भरोसा देता है, जिससे खेती आसान, सशक्त और आत्मनिर्भर बनती है।