आईआरआरआई ने चावल की नई किस्मों की स्थिति निर्धारण में तेजी लाने के लिए बीज त्वरक सम्मेलन की मेजबानी की
03 Jun, 2025
उत्पाद जानकारी तक सीमित पहुँच और वितरण भागीदारों के बीच जागरूकता की कमी इन सार्वजनिक-नस्ल की किस्मों को अपनाने की गति को धीमा कर देती है। तैनाती के लिए एक सक्रिय रणनीति के बिना, कई आशाजनक किस्में अपनी
तेलंगाना में प्रत्येक गांव तक पहुंचेंगे गुणवत्ता युक्त बीज, सरकार ने उठाया बड़ा कदम
02 Jun, 2025
तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग के सहयोग से एक अभिनव कार्यक्रम "प्रत्येक गांव तक कृषि विश्वविद्यालय से .......
किसान सीधे धान की बुआई से बचाएं पानी, पैसा और समय
29 May, 2025
लेखक: जगजोत सिंह गिल जिला एक्सटेंशन साइंटिस्ट (एग्रोनॉमी), फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, फिरोजपुर
किसानों के लिए फायदेमंद सीड ड्रिलर: कौन सी कंपनी का उपकरण है Best?
22 May, 2025
केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को सीड ड्रिलर खरीदने पर सब्सिडी दे रही हैं। कृषि यंत्रीकरण पर सब्सिडी योजना (SMAM) के तहत 50% तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
बीज तकनीक अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए PAU के STR यूनिट को मिला 'बेस्ट सेंटर अवार्ड'
22 May, 2025
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) को बीज तकनीक अनुसंधान में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए 'बेस्ट सेंटर अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP)......
PAU और CII ने मिलाया हाथ, इस तकनीक से पराली जलाने पर लगेगा अंकुश
20 May, 2025
पंजाब में पराली जलाने की पुरानी और गंभीर समस्या से निपटने के लिए पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू), लुधियाना और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), गुरुग्राम के............
PAU एक्सटेंशन काउंसिल बैठक में विशेषज्ञों की अपील नकली बीज और अवैध फल पौध बिक्री पर लगे लगाम
17 May, 2025
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में आयोजित 25वीं एक्सटेंशन काउंसिल की बैठक में विशेषज्ञों ने किसानों को नकली बीजों और अवैध रूप से बेचे जा रहे फल पौधों से सतर्क रहने की सलाह दी।
Abhimanyu Agri बिजनेस ने आयोजित किया खरीफ फसलों पर आधारित खाद- बीज विक्रेता प्रशिक्षण कार्यक्रम
17 May, 2025
प्रशिक्षण का उद्देश्य विक्रेताओं को खरीफ की प्रमुख फसलधानमें उन्नत पोषक तत्व प्रबंधन तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि वे किसानों को सही सलाह दे सकें और क्षेत्रीय कृषि उत्पादकता में वृद्धि हो सके।