राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने 10 राज्यों व 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 45.05 लाख रुपये वितरित किए
10 Feb, 2026
जैव विविधता के संरक्षण और जैविक संसाधनों से प्राप्त लाभों के निष्पक्ष व समान वितरण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने .......
जर्मनी में BIOFACH 2026 में भारत को मिला ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ का सम्मान, जैविक कृषि में वैश्विक नेतृत्व की मजबूत पहचान
10 Feb, 2026
जैविक उत्पादों के लिए विश्व के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले बायोफैच (BIOFACH) 2026 में भारत को ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ के रूप में नामित किया गया है।
हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम आज से ग्रामीण भारत की संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण के रंगों में रंग गई है। सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली पार्क ग्रा
10 Feb, 2026
हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम आज से ग्रामीण भारत की संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण के रंगों में रंग गई है। सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली पार्क ग्राउंड में....
बाराबंकी में गरजे सीएम योगी: “राम मंदिर वाली जगह पर अब किसी और ढांचे की कल्पना व्यर्थ”
10 Feb, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अयोध्या के राम मंदिर और पूर्व बाबरी मस्जिद ढांचे को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया।
घरेलू Blueberry सीजन शुरू होने से पहले क्या बदलेगा
10 Feb, 2026
घरेलू Blueberry सीजन से पहले बाजार, कीमत, सप्लाई और किसानों की रणनीति में बदलाव दिखने लगते हैं। यह लेख बताता है कि ये शुरुआती संकेत खेती और बाजार को कैसे दिशा देते हैं।
तीन बार आ चुका है स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव — ओम बिरला से पहले भी इतिहास रहा असफल कोशिशें
10 Feb, 2026
संसद के मौजूदा बजट सत्र के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
Drip Irrigation से खेती में जल बचत और बेहतर उत्पादन
10 Feb, 2026
भारत में खेती का भविष्य अब सिर्फ अधिक जमीन या ज्यादा पानी पर आधारित नहीं रह गया है। बदलते मौसम का असर, तेजी से गिरता भूजल स्तर और खेती की बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।
दिल्ली में ई-रिक्शा पर लगेगा ब्रेक और मिलेगा ट्रैक! नई नीति से तय होंगे रूट, स्टैंड और संख्या
10 Feb, 2026
दिल्ली में इस समय 2.04 लाख से अधिक पंजीकृत ई-रिक्शा हैं। इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद इनके संचालन के लिए कोई तय रूट प्रणाली मौजूद नहीं है।