इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पीडीएस के एआई-संचालित बदलावों का प्रदर्शन, 19 फरवरी तक आम जनता के लिए खुली प्रदर्शनी
18 Feb, 2026
भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India-AI Impact Summit and Expo 2026 के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में किए जा रहे एआई.....
गांधीनगर में ‘मंथन बैठक’: 2047 तक विकसित भारत के लिए सहकारिता को सशक्त बनाने पर ज़ोर
18 Feb, 2026
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर में ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय .....
‘गिग वर्कर्स के साथ अन्याय’: राहुल गांधी का BJP पर हमला, इकोनॉमिक सर्वे ने भी जताई आय और सुरक्षा पर चिंता
18 Feb, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के मुद्दे पर केंद्र और राज्यों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारों पर तीखा हमला बोला है।
दिल्ली में बदला मौसम का मिजाज! बारिश की दस्तक, यूपी-पंजाब-राजस्थान समेत कई राज्यों में अलर्ट
18 Feb, 2026
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मंगलवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को ठंडक का अहसास हुआ।
Sarso उत्पादन पर सफेद भभूतिया का दबाव, त्वरित प्रबंधन ही समाधान
17 Feb, 2026
सरसों उत्पादन पर सफेद भभूतिया का बढ़ता दबाव उपज और गुणवत्ता घटा सकता है। समय पर पहचान, संतुलित पोषण और त्वरित प्रबंधन से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
Mushroom Farming: छोटे कमरे से बड़ा कारोबार
17 Feb, 2026
भारत में बदलते कृषि माहौल के बीच Mushroom Farming ऐसा विकल्प बनकर उभरा है जो कम जगह, कम पानी और सीमित पूंजी में भी बेहतर आमदनी दे सकता है।
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में बागवानी क्षेत्र की अहम भूमिका: कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त
17 Feb, 2026
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में बागवानी (हॉर्टिकल्चर) क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्बन क्रबदलेगी खेती की तस्वीर! डॉ. एम.एल. जाट बोले—क्लाइमेट रेजिलेंट फार्मिंग ही भविष्य का रास्ता
17 Feb, 2026
डॉ. जाट के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में इस पहल की शुरुआत हो चुकी है। यहां करीब 50,000 कार्बन क्रेडिट किसानों को मिलने की प्रक्रिया चल रही है।