भारत में चीनी की कमी का दूसरा साल, मिलें बंद होने की कगार पर
03 Apr, 2026
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ़ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ लिमिटेड (NFCSF) समेत इंडस्ट्री बॉडीज़ ने 28.5 से 29 मिलियन टन की लोकल डिमांड के मुकाबले लगभग
चीनी उत्पादन लागत और प्रशासित बिक्री मूल्य बढ़ने से गन्ना भुगतान बकाया 16,000 करोड़ रुपये से अधिक
03 Apr, 2026
पिछले साल दिसंबर में फ़ूड मिनिस्ट्री के अधिकारी ने कहा था कि वह इस साल जनवरी तक MSP में बदलाव पर फ़ैसला लेंगे, जिससे शुगर इंडस्ट्री को मदद मिलेगी और किसानों को समय पर गन्ने का पेमेंट पक्का होगा।
एग्रोकेमिकल इंडस्ट्री क्लैरिटी और ज़्यादा कवरेज चाहती है: ACFI
03 Apr, 2026
ACFI के मुताबिक, कंपनियाँ कच्चा माल पाने के लिए फ़ॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट पर ज़्यादा निर्भर हो रही हैं, जिससे तेज़ी से इन्वेंट्री बन रही है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव पड़ रहा है।
भारत ने पेस्टीसाइड पैकेजिंग को ज़रूरी रीसायकल कंटेंट टारगेट से छूट दी
03 Apr, 2026
इससे कम्प्लायंस में चुनौती पैदा हुई, क्योंकि कंपनियों को रीसायकल कंटेंट टारगेट को पूरा करने के साथ-साथ ऐसे इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले सेफ्टी रेगुलेशन का भी पालन करना ज़रूरी था।
कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद भारतीय एग्रो-केमिकल सेक्टर में इनपुट कॉस्ट 8-9% घटी
03 Apr, 2026
वेस्ट एशिया संघर्ष के कारण सप्लाई चेन और मुख्य शिपिंग रूट में रुकावट से क्रॉप प्रोटेक्शन इंडस्ट्री की इनपुट कॉस्ट पर 20-25 परसेंट तक असर पड़ने की संभावना है, जिससे किसानों की कॉस्ट बढ़ जाएगी।
‘बायोE3 नीति’ से बायोटेक सेक्टर को बढ़ावा, भारत बनेगा ग्लोबल बायो-मैन्युफैक्चरिंग हब
03 Apr, 2026
भारत को जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बायोE3 नीति को आगे बढ़ाया है। यह नीति अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचार के जरिए ......
ग्रामीण योजनाओं पर फोकस: शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
03 Apr, 2026
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम समीक्षा बैठक की।
ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: शहरी नियोजन को कैसे करें व्यवस्थित कि भविष्य में ना आयें कठिनाइयाँ
03 Apr, 2026
भारत में भूमि शासन, नीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर ILDC विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाता है। जिसे वर्ष 2017 से इंडिया लैंड एण्ड डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस (ILDC) के रूप में जाना-पहचाना जा रहा है।