औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में अगस्त 2025 में 4.0% की वृद्धि, खनन और विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन
30 Sep, 2025
भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में अगस्त 2025 के दौरान 4.0 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। खनन क्षेत्र में 6.0%, विनिर्माण क्षेत्र में 3.8% और बिजली क्षेत्र में 4.1% की वृद्धि
IARI की नई खोज, बनाएं 5 नए जैविक खाद, किसानों को बचेगा यूरिया- DAP का खर्चा
30 Sep, 2025
IARI पूसा की इस विधि से किसान खेती के कचरे और गोबर का उपयोग करके पांच अलग-अलग तरह की जैविक खाद बना सकते हैं.रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल ने देश के कई हिस्सों में मिट्टी की सेहत को गंभीर रूप से
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने पंजाब के होशियारपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
30 Sep, 2025
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने पंजाब के होशियारपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया
पंजाब की बाढ़ ने किसानों को 10 साल पीछे धकेला, सैकड़ों करोड़ का नुकसान
30 Sep, 2025
हाल ही में पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। फसलों के पूरी तरह बर्बाद होने के साथ-साथ कृषि मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बनास डेयरी की अग्रणी पहल: अब गोमूत्र भी बनेगा किसानों की आय का जरिया
30 Sep, 2025
भारत के डेयरी उद्योग में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। बनास डेयरी ने एक अनोखा पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत वह स्थानीय किसानों से पांच रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीद रही है।
बिहार: कृषि मंत्री ने किसानों के लिए लॉन्च हुआ AI रेडियो ऐप, मिलेगी खेती से जुड़ी जानकारी
30 Sep, 2025
बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए सोमवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कृषि रेडियो प्रसार प्रणाली की शुरुआत की।
मध्यप्रदेश में ‘पोषण माह’ के दौरान हुई पोषण गतिविधियों, परामर्श सत्रों और स्वास्थ्य पहल की व्यापक झलक
30 Sep, 2025
देशभर में मनाए जा रहे 8वें ‘पोषण माह’ के तहत मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी कई जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
भारत का डेयरी सेक्टर: पोषण सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि की रीढ़
30 Sep, 2025
भारत का डेयरी क्षेत्र आज देश की पोषण और आय सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुका है। यह न केवल किसानों की आर्थिक आजीविका को सशक्त बना रहा है, बल्कि ग्रामीण भारत में समावेशी विकास का भी प्रतीक बन गया है।