CCEA ने कपास खरीद ऑपरेशन के लिए CCI को 1,718.56 करोड़ रुपये की फंडिंग को मंज़ूरी दी
18 Mar, 2026
केंद्र, कमीशन फ़ॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेज़ (CACP) की सिफारिशों के आधार पर सीड कॉटन (कपास) के लिए MSP तय करता है। इसने कॉटन में MSP ऑपरेशन करने के लिए CCI को सेंट्रल नोडल एजेंसी बनाया है।
एलएनजी की उपलब्धता के कारण उर्वरक उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ: इफको एमडी
18 Mar, 2026
फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) ने हाल ही में कहा कि मौजूदा रुकावट से LNG सप्लाई, जो एक फीडस्टॉक है, पर असर पड़ा है और वह यूरिया प्रोडक्शन के लिए गैस एलोकेशन को प्राथमिकता देने के लिए सरकार के साथ
केरल में समुद्री मत्स्य उत्पादन में स्थायी गिरावट नहीं, 2024-25 में 6.47 लाख टन तक पहुंचा उत्पादन
18 Mar, 2026
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि केरल में समुद्री मछली उत्पादन में समय-समय पर उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला है, लेकिन दीर्घकालिक स्तर पर किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं।
अंडों पर सख्ती का कानून, लेकिन ज़मीनी हकीकत ढीली- फ्रेश एग्स का वादा अब भी अधूरा
18 Mar, 2026
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अंडों के स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने..................."
पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत देश में बने 1,990 फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, तमिलनाडु में 113 एफएफपीओ गठित
18 Mar, 2026
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत देशभर में मछुआरों और मत्स्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
किसानों को बोनस, सिंचाई को बल और गौपालन को नई पहचान—भोपाल कैबिनेट के बड़े फैसले
18 Mar, 2026
Mohan Yadav की अध्यक्षता में भोपाल में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में किसानों, सिंचाई और पशुपालन से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
Gehu Ki Kheti 2026: ज्यादा उत्पादन के स्मार्ट तरीके
18 Mar, 2026
Gehu Ki Kheti की शुरुआत ही इस बात से तय हो जाती है कि किसान कौन सी किस्म का चयन करता है। यदि सही किस्म का चुनाव किया जाए तो उत्पादन में स्वतः ही सुधार देखने को मिलता है।
Balrampur News: Modern Farming से खेती में आया नया बदलाव
18 Mar, 2026
Balrampur में Modern Farming से खेती में बड़ा बदलाव दिख रहा है। नई तकनीकों से उत्पादन बढ़ रहा है, लागत घट रही है और किसानों की आय में सुधार हो रहा है।