मनरेगा कर्मियों से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का सीधा संवाद, नई योजना में सेवा सुरक्षा का दिया भरोसा
31 Dec, 2025
केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में कार्यरत मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों से राष्ट्रीय स्तर पर संवाद किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एनटीएच और एनएचएआई के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
31 Dec, 2025
राष्ट्रीय राजमार्गों एवं अवसंरचना परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता और मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय परीक्षण शाला .......
पीएयू ने डॉ. सिमरजीत कौर को ‘डॉ. हरदयाल सिंह गिल विशिष्ट प्रोफेसर चेयर (वीड साइंस)’ से सम्मानित किया
31 Dec, 2025
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना ने खरपतवार विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध, शिक्षण एवं विस्तार कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए कृषि विज्ञान विभाग की प्रधान कृषि वैज्ञानिक .
भारत सरकार के सलाहकार ने पीएयू में लागत-ए-खेती योजना की प्रगति की समीक्षा की
31 Dec, 2025
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आर्थिक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन प्रभाग (ईएसएंडईडी) की लागत-ए-खेती योजना (कॉस्ट ऑफ कल्टीवेशन स्कीम) के सलाहकार श्री धनंजय प्रसाद.......
Gehu Ki Kheti: परंपरा, तकनीक और बाजार का संतुलन
30 Dec, 2025
Gehu Ki Kheti भारत में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में गेहूं केवल फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवनशैली का हिस्सा है।
Gehu Ki Kheti: परंपरा, तकनीक और बाजार का संतुलन
30 Dec, 2025
Gehu Ki Kheti भारत में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में गेहूं केवल फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवनशैली का हिस्सा है।
Bajra Ki Kheti: जल संरक्षण और किसान आय का संतुलन
30 Dec, 2025
बाजरा कठिन हालात में भी टिकने वाली फसल है। जहां धान और गन्ना ज्यादा पानी मांगते हैं, वहीं Bajra Ki Kheti कम वर्षा में भी अच्छी पैदावार देकर किसान को सुरक्षित और स्थिर विकल्प देती है।
Chawal Ki Kheti: 2026 में टिकाऊ खेती की मजबूत नींव
30 Dec, 2025
Chawal Ki Kheti: 2026 में टिकाऊ खेती की मजबूत नींव यह दिखाती है कि कैसे सही बीज, सीमित पानी, स्वस्थ मिट्टी और आधुनिक तकनीक के साथ चावल की खेती को कम लागत में स्थिर और भविष्य-सुरक्षित बनाया जा सकता है।