श्रीनगर में टेली-लॉ (डिशा) के तहत क्षेत्रीय आयोजन-सह-कार्यशाला आयोजित
18 Feb, 2026
विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार के न्याय विभाग द्वारा डिजाइनिंग इनोवेटिव सॉल्यूशंस फॉर होलिस्टिक एक्सेस टू जस्टिस (डिशा) योजना के अंतर्गत टेली-लॉ पहल पर एक क्षेत्रीय आयोजन.....
राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ‘मधुमक्खी गलियारा’ विकसित करेगा एनएचएआई, 2026-27 में 40 लाख पौधरोपण का लक्ष्य
18 Feb, 2026
सतत और पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे देश का पहला ....
वर्मी कंपोस्ट से चमकेगी खेती: कम लागत में ज्यादा पैदावार, मिट्टी भी बनेगी उपजाऊ
18 Feb, 2026
देश में जैविक खेती का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती जा रही है.
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 9 महीनों में 52 करोड़ रुपये की धनवापसी दिलाई, ई-कॉमर्स क्षेत्र सबसे आगे
18 Feb, 2026
उपभोक्ता मामलों के विभाग के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने पिछले नौ महीनों में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है।
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पीडीएस के एआई-संचालित बदलावों का प्रदर्शन, 19 फरवरी तक आम जनता के लिए खुली प्रदर्शनी
18 Feb, 2026
भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India-AI Impact Summit and Expo 2026 के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में किए जा रहे एआई.....
गांधीनगर में ‘मंथन बैठक’: 2047 तक विकसित भारत के लिए सहकारिता को सशक्त बनाने पर ज़ोर
18 Feb, 2026
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर में ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय .....
‘गिग वर्कर्स के साथ अन्याय’: राहुल गांधी का BJP पर हमला, इकोनॉमिक सर्वे ने भी जताई आय और सुरक्षा पर चिंता
18 Feb, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के मुद्दे पर केंद्र और राज्यों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारों पर तीखा हमला बोला है।
Sarso उत्पादन पर सफेद भभूतिया का दबाव, त्वरित प्रबंधन ही समाधान
17 Feb, 2026
सरसों उत्पादन पर सफेद भभूतिया का बढ़ता दबाव उपज और गुणवत्ता घटा सकता है। समय पर पहचान, संतुलित पोषण और त्वरित प्रबंधन से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।