पंजाब की उपजाऊ धरती पर संकट बाढ़ के बाद रेतिली मिट्टी का प्रभाव
19 Sep, 2025
पंजाब और हरियाणा की भूमि को भारत की 'अनाज की थाली' कहा जाता है। यहाँ की मिट्टी अपनी उर्वरता, समृद्ध बनावट और उच्च जैविक पदार्थों के कारण देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ रही है। यहाँ की जलोढ़ मिट्टी
किसानों के लिए सर्वश्रेष्ठ (Krishi Upkaran): आधुनिक उपकरण और मशीनें
19 Sep, 2025
कृषि हमेशा से भारत की रीढ़ रही है और किसान उसकी असली ताकत हैं। फसल उत्पादन बढ़ाने और शारीरिक मेहनत को कम करने के लिए (Krishi Upkaran) का आधुनिक खेती में बहुत बड़ा योगदान है।
क्यों ज़रूरी है आधुनिक खेती
19 Sep, 2025
खेती केवल भोजन उत्पादन का साधन नहीं है, यह हमारी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण का भी आधार है। लेकिन आज के दौर में किसान जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी और बढ़ती जनसंख्या जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
अग्री एशिया 2025 जेन-जी किसानों की भूमिका और भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती अपेक्षाऐ
19 Sep, 2025
गांधीनगर, गुजरात – कृषि प्रौद्योगिकी पर 14वें अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, अग्री एशिया 2025 की सरहाना जितनी की जाये कम है। यह प्रदर्शनी 18 से 20 सितंबर, 2025 तक हेलिपैड प्रदर्शनी केंद्र, गांधीनगर में आयो
कश्मीर के सुनहरे सेब सड़कों पर सड़ने को मजबूर: NH-44 जाम ने तबाह की लाखों की रोजी-रोटी
18 Sep, 2025
कश्मीर घाटी के बागवानों के लिए इस साल की सेब की फसल मुसीबतों का पहाड़ बनकर टूटी है। देशभर में अपनी मिठास और गुणवत्ता के लिए मशहूर कश्मीरी सेब, इन दिनों ट्रकों में फंसे-फंसे सड़ रहे हैं।
BASAI 2025 : देशभर के कृषि उद्यमी और विशेषज्ञ टिकाऊ कृषि के लिए एक मंच पर
18 Sep, 2025
बायोलॉजिकल एग्री सॉल्यूशंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BASAI) द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 22 और 23 सितंबर को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में होगा।
इंट्रा हरियाणा (Intra Haryana) HRMS 2025–26 राज्य कर्मचारियों के लिए संपूर्ण गाइड
18 Sep, 2025
हरियाणा सरकार लगातार कर्मचारी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, ताकि प्रक्रियाएँ तेज़, पारदर्शी और पेपरलेस बन सकें। इसी प्रयास का अहम हिस्सा है Intra Haryana HRMS.
भारत में मिट्टी के प्रकार(mitti ke prakar) : विशेषताएँ और महत्व
18 Sep, 2025
भारत में (mitti ke prakar) को समझना सतत कृषि और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। हर मृदा की अपनी अलग विशेषताएँ हैं, जो उसे विशेष फसलों के लिए उपयुक्त बनाती हैं।