भारत और अमेरिका के बीच पहली बार बड़ा LPG आयात समझौता, 2026 में आएंगे 2.2 एमटीपीए एलपीजी
18 Nov, 2025
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहली बार अमेरिका के साथ बड़े पैमाने पर एलपीजी आयात का समझौता कर लिया है।
रबी फसलों की बुवाई 208 लाख हेक्टेयर के पार, दालें–तिलहन और श्री अन्न में भी बढ़ोतरी
18 Nov, 2025
देश में रबी सीजन की बुवाई इस वर्ष तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 11 नवंबर 2025 तक जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, कुल रबी फसलों की बुवाई 208.19 लाख हेक्टेयर........
उत्तराखंड में कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को नई रफ्तार, सरकार बना रही व्यापक रणनीति
18 Nov, 2025
उत्तराखंड सरकार अब पहाड़ी क्षेत्रों में फलोत्पादन को मजबूत आधार देने के लिए नई दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर ...........
एनआईडीएचआई–टीबीआई इनक्यूबेटी ने ग्लोबल व्हीट समिट में दिखाया पारंपरिक जल-चालित आटा पिसाई तकनीक का कमाल
17 Nov, 2025
नवाचार और परंपरा के अनोखे संगम को प्रदर्शित करते हुए मोगा जिले के गांव सफ़ूवाला के रहने वाले श्री करण बीर सिंह गिल, जो NIDHI–Technology Business Incubator (TBI) के एक प्रगतिशील इनक्यूबेटी हैं,
एशियन सीड कांग्रेस 2025 का मुंबई में भव्य शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया उद्घाटन
17 Nov, 2025
मुंबई में एशियन सीड कांग्रेस 2025 का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।
भारत का सबसे बड़ा ₹2,500 करोड़ का एक्वाकल्चर टेक्नोलॉजी पार्क—निवेशकों के लिए ब्लू इकोनॉमी में हाई-ग्रोथ गेटवे
17 Nov, 2025
आंध्र सरकार ने श्रीकाकुलम जिला कलेक्टर को भूमि चयन और सभी आवश्यक स्वीकृतियों को फास्ट-ट्रैक मोड पर आगे बढ़ाने के लिए अधिकृत किया है।
Ganne ki kheti: तापमान, मिट्टी, तैयारी और बोवाई गाइड
17 Nov, 2025
गन्ने की खेती भारत की सबसे अहम नकदी फसलों में से एक है। इसे हिंदी में गन्ना कहा जाता है, और इसका उपयोग चीनी, गुड़ (गुड़), शीरा (molasses), एथेनॉल और कई कृषि-आधारित उत्पादों के लिए किया जाता है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पलामू (झारखंड) में बायो-इनपुट केंद्र का उद्घाटन
17 Nov, 2025
इस कदम के बड़े प्रभाव कृषि बाज़ार में भी दिख सकते हैं। प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग के चलते यह पहल किसानों को बेहतर बाजार मूल्य, उच्च गुणवत्ता वाली उपज, और नए ग्राहक समूहों तक पहुंच प्रदान कर सकती