जापानी यूनिवर्सिटी के स्कॉलर्स ने नेचुरल फार्मिंग में दिलचस्पी दिखाई
04 Dec, 2025
स्टेट नोडल ऑफिसर (RGPK3Y)-कम-एडिशनल डायरेक्टर, एग्रीकल्चर डॉ. सुरेश कुमार शर्मा ने जापानी रिसर्च स्कॉलर्स को पहाड़ी राज्य में एग्रीकल्चर सेक्टर के बारे में जानकारी दी और राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुश
बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: तेल पेराई मिल लगाने पर किसानों को मिलेगी 33% सब्सिडी
04 Dec, 2025
नीतीश सरकार अब तेल पेराई मिल (ऑयल एक्सपेलर यूनिट) लगाने वालों को भारी सब्सिडी देगी, जिसका मकसद राज्य में तिलहन प्रसंस्करण और तेल उत्पादन को बढ़ावा देना है।
वाराणसी से शुरू हुआ हाई-टेक मिशन: IIVR–ABM की साझेदारी से फसल रोग पहचान में आएगी क्रांति
04 Dec, 2025
डिवाइस का एक बड़ा फायदा यह है कि यह दिखने वाले लक्षण दिखने से पहले फंगल स्पोर्स का पता लगा सकता है, जिससे समय पर बचाव के उपाय किए जा सकते हैं और बीमारी फैलने का खतरा कम हो जाता है।
PAU ने लॉन्च की देश की पहली हाई-क्वालिटी ओट्स वैरायटी OL 16, सरकार ने दिया बड़ा ऑर्डर
04 Dec, 2025
PAU के वाइस-चांसलर सतबीर सिंह गोसल ने बताया कि ये दोहरे मकसद वाली वैरायटी, जो अच्छी क्वालिटी का चारा और अनाज दोनों देती हैं, उनमें गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों के अलावा "खेती के लिए बहुत बड़ा बदला
‘नक्शा’ और ‘लैंडस्टैक’ पर भूमि संसाधन विभाग की राष्ट्रीय संगोष्ठी; भविष्य की मानचित्रण तकनीकों और शहरी संपदा प्रबंधन पर गहन चर्चा
04 Dec, 2025
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने आज राजधानी में नक्शा (शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण) और लैंडस्टैक कार्यक्रमों पर एक ..........
भैंस से ज़्यादा गाय का दूध: भारत बना विश्व का अग्रणी उत्पादक
04 Dec, 2025
भैंस की तुलना में गाय से दूध उत्पादन कम होने के बावजूद, भारत गाय के दूध के उत्पादन में देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहले स्थान पर है।
एग्री, इंजीनियरिंग, फार्मा आइटम्स के ज़्यादा एक्सपोर्ट से रूस के साथ ट्रेड बैलेंस बनाने में मदद मिलेगी
04 Dec, 2025
एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स में खास तौर पर एक मजबूत संभावना है। भारत अभी रूस को $452 मिलियन के प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता है, जबकि उसकी ग्लोबल इम्पोर्ट डिमांड $4.0 बिलियन है।
केंद्र ने मिजोरम के ग्रामीण निकायों को 15वें वित्त आयोग के तहत 15.20 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की
04 Dec, 2025
वर्ष 2024-25 से संबंधित देय आवंटन के रूप में प्रदान की गई है। इस अनुदान का लाभ राज्य की सभी पात्र ग्राम परिषदों को मिलेगा, जिनमें स्वायत्त जिला परिषद क्षेत्रों की ग्राम परिषदें भी शामिल हैं।