नेल्लोर में ‘चैंपियन किसान’ प्रोग्राम की शुरुआत: हर गांव में प्रोग्रेसिव किसान बनेगा बदलाव का लीडर
18 Dec, 2025
यह प्रोग्राम नेचुरल खेती को बढ़ावा देने, मशीनीकरण बढ़ाने, फर्टिलाइजर और पेस्टीसाइड के ज़्यादा इस्तेमाल को कम करने और फसलों में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा मकस
भागलपुर में किसानों की डिजिटाइज्ड रजिस्ट्री की पहल: सरकारी योजनाओं का लाभ होगा आसान
18 Dec, 2025
DAO ने कहा, "किसानों की रजिस्ट्री बनाने का डिजिटाइज़ेशन का काम पहले से ही स्पेशल कैंप और बाद में पंचायत लेवल पर चल रहा है। इससे किसानों और उनके परिवार वालों की ज़िंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आएगा।"
ठंडी हवा का कहर: रबी फसलों, सब्ज़ियों और पशुधन पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
18 Dec, 2025
खेती-बाड़ी से जुड़े अधिकारियों ने किसानों से फ़सलों को पाले और तापमान के दबाव से बचाने के लिए सावधानी बरतने को कहा है।
मसालों की खुशबू के साथ श्याम धानी इंडस्ट्रीज की शेयर बाजार में एंट्री
18 Dec, 2025
त के तेजी से बढ़ते फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अपने व्यापक उत्पाद पोर्टफोलियो और गुणवत्ता पर फोकस के साथ, कंपनी बदलती उपभोक्ता पसंद और स्वदेशी ब्रांडों की बढ़ती मांग का लाभ उठा
खरीफ की फसल (Kharif Ki Fasal): मानसून पर आधारित कृषि प्रणाली
18 Dec, 2025
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जनजीवन का बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर करता है। भारतीय कृषि मुख्य रूप से दो प्रमुख फसल चक्र—खरीफ और रबी—में विभाजित है।
हरियाणा की धरती और जसविंदर चौधरी गेहूं, संघर्ष और पहचान की कहानी ppp haryana ration card
18 Dec, 2025
हरियाणा के किसान जसविंदर चौधरी गेहूं की खेती करते हैं। PPP हरियाणा राशन कार्ड की जानकारी मिलने पर उन्हें राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, जिससे जीवन में स्थिरता आई।
हरियाणा के किसान प्रशांत की प्रेरक कहानी e shram card से बदली ज़िंदगी
18 Dec, 2025
हरियाणा के किसान प्रशांत की प्रेरक कहानी पढ़ें, जहाँ e shram card योजना ने उनकी ज़िंदगी बदली और उन्हें सुरक्षा, पहचान व भविष्य की उम्मीद दी।
कृषि सब्सिडी (Agriculture Subsidy): किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम
18 Dec, 2025
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। बदलते मौसम, बढ़ती लागत, सीमित संसाधन और बाजार की अनिश्चितता किसानों की आय पर दबाव डालती है।