किसानों के लिए सुरक्षित कीटनाशक उपयोग को बढ़ावा, एकीकृत कीट प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा
17 Jan, 2026
कृषि की स्थिरता और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग (डीसीपीसी) द्वारा शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ......
हिमाचल प्रदेश में 250 करोड़ रुपये का एग्रो-फूड पार्क लगाएगी अमर प्योर गोल्ड
17 Jan, 2026
देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करते हुए अमर प्योर गोल्ड ने हिमाचल प्रदेश में बड़े स्तर पर निवेश की घोषणा की है। कंपनी ने राज्य सरकार के साथ एक स्मरण-पत्र ......
वर्ष 2024–25 में उर्वरकों की ऐतिहासिक उपलब्धता, किसानों को मिली बड़ी राहत
17 Jan, 2026
किसानों की आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2024–25 में देशभर में उर्वरकों की रिकॉर्ड उपलब्धता सुनिश्चित की है। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि किसानों .......
अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव–2026: उत्सव, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक बना दिल्ली का
17 Jan, 2026
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव–2026 को संबोधित करते हुए इसे भारत की उत्सवप्रिय परंपरा, सांस्कृतिक एकता .....
भारत–इज़राइल सहयोग को नई मजबूती, मत्स्य पालन और जलीय कृषि में साझा भविष्य की ओर कदम
17 Jan, 2026
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्री राजीव रंजन सिंह के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 13 से 15 जनवरी 2026 तक इज़राइल की आधिकारिक यात्रा की।
वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय प्रदर्शनी–2026, स्वास्थ्य मंडप का सफल और प्रभावशाली समापन
17 Jan, 2026
राजकोट (गुजरात)। मारवाड़ी विश्वविद्यालय, राजकोट में 11 से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय प्रदर्शनी (VGRE)–2026 का समापन देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में........
राष्ट्रीय मत्स्य पालन सचिव सम्मेलन: समयबद्ध कार्रवाई और वैज्ञानिक योजना से भारत की ब्लू इकोनॉमी को नई गति
17 Jan, 2026
देश में मत्स्य पालन क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तय करने के उद्देश्य से मत्स्य पालन सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय ......
Bajra Ki Kheti: कम पानी में मजबूत उपज का भरोसा
16 Jan, 2026
भारत के बड़े हिस्से में खेती आज पानी की अनिश्चितता से जूझ रही है। बारिश का भरोसा पहले जैसा नहीं रहा और सिंचाई का खर्च हर साल बढ़ता जा रहा है।