पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के प्राणी विज्ञान विभाग द्वारा जिला मोगा के गांव खोसा पंडू में "पक्षी संरक्षण और कशेरुकी कीट प्रबंधन" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में प्रमुख पक्षी विज्ञानी एवं प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. तेजदीप कौर क्लेर ने किसानों को पक्षियों की प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि पक्षी जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और इन्हें संरक्षित करने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।
डॉ. क्लेर ने ग्राम पंचायत के सहयोग से सामूहिक वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ एक पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि पेड़ न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि पक्षियों को घोंसला बनाने और भोजन प्राप्त करने में भी मदद करते हैं। यह पहल किसानों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती है।
शिविर में डॉ. राजविंदर सिंह, प्राणी विज्ञानी ने कृषि फसलों में कशेरुकी कीटों से बचाव के विभिन्न उपायों पर व्याख्यान दिया और बताया कि इन उपायों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।वरिष्ठ पक्षी विज्ञानी डॉ. मनोज कुमार ने किसानों से बातचीत कर उनके खेती से जुड़े समस्याओं का समाधान किया और कशेरुकी कीटों के प्रबंधन पर आधारित साहित्य भी वितरित किया।
कार्यक्रम में पीएयू के कृषि फील्ड अधिकारी श्री नवदीप कुमार ने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों की लागत को कम करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित कृषि तकनीकों और प्रबंधन विधियों को अपनाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। यह प्रशिक्षण न केवल पक्षी संरक्षण के प्रति किसानों को जागरूक करने में सहायक रहा, बल्कि उन्हें कृषि उत्पादन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित भी किया।