महाराष्ट्र के किसान संगठनों और नेताओं ने प्याज की गिरती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नासिक से सांसद राजभाऊ प्रकाश वाजे और लासलगांव एपीएमसी के चेयरमैन ज्ञानेश्वर किसान जगताप ने क्रमशः कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर प्याज किसानों को राहत देने के लिए RoDTEP (रिफंड ऑफ ड्यूटी एंड टैक्सेस ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स) की दर 5% तक बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देने की गुहार लगाई है।
फसल की अधिक आपूर्ति: दक्षिण भारत से अगस्त में नए प्याज की आवक होने की उम्मीद है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है।
मॉनसून का प्रभाव: इस साल मॉनसून के जल्दी आने से खरीफ प्याज की फसल भी जल्दी आने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा: पाकिस्तान और चीन जैसे देशों ने प्याज का निर्यात सस्ते दामों पर शुरू कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को मुकाबला करने में दिक्कत हो रही है।
RoDTEP दर बढ़ाकर 5% करें: वर्तमान दरें निर्यातकों को पर्याप्त सहायता नहीं दे पा रही हैं। अगर दरें बढ़ाई जाती हैं, तो भारतीय प्याज वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
7% तक ट्रांसपोर्ट सब्सिडी: माल ढुलाई की लागत कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग असिस्टेंस (IMA) योजना लागू की जाए।
निर्यात को बढ़ावा: सरकारी समर्थन से किसानों और व्यापारियों को निर्यात के जरिए बेहतर दाम मिल सकेंगे।
लासलगांव एपीएमसी के चेयरमैन जगताप ने बताया कि पिछले महीने प्याज 1,500-1,600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, लेकिन अब कीमतें गिरकर 1,000-1,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
संगठनों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो प्याज किसानों और व्यापारियों को भारी संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि RoDTEP और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिलकर प्याज निर्यात को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर होंगी।