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Tomato Farming से करें ज़बरदस्त मुनाफा

06 Oct, 2025 12:52 PM

भारत में टमाटर की खेती (Tomato Farming) सबसे लोकप्रिय और लाभदायक खेती में से एक है। टमाटर का उपयोग हर घर की रसोई में रोज़ाना किया जाता है, जिससे इसकी मांग सालभर बनी रहती है।

FasalKranti
Emren, समाचार, [06 Oct, 2025 12:52 PM]
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भारत में टमाटर की खेती (Tomato Farming) सबसे लोकप्रिय और लाभदायक खेती में से एक है। टमाटर का उपयोग हर घर की रसोई में रोज़ाना किया जाता है, जिससे इसकी मांग सालभर बनी रहती है। अगर आप खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो टमाटर की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। इस लेख में हम टमाटर की खेती(Tomato Farming) से जुड़ी हर जानकारी आसान भाषा में समझेंगे जैसे कि मिट्टी, जलवायु, किस्में, बीज, पौध तैयार करना, सिंचाई, रोग नियंत्रण और मार्केटिंग तक।

  1. टमाटर की खेती क्यों करें?

टमाटर एक नकदी फसल (Cash Crop) है, जो सालभर अच्छी आमदनी देती है। इसके कुछ मुख्य फायदे हैं:

  • इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है।
  • टमाटर जल्दी तैयार हो जाता है (90–120 दिन)
  • प्रति एकड़ अधिक उत्पादन मिलता है।
  • प्रसंस्करण (Processing) के लिए भी उपयोगी हैसॉस, केचअप, प्यूरी आदि।

अगर वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए, तो प्रति एकड़ 50 से 100 क्विंटल तक उपज ली जा सकती है।

  1. टमाटर की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु

टमाटर की खेती (tomato Farming)  गर्म और शीत दोनों जलवायु में की जा सकती है।
लेकिन सबसे उपयुक्त तापमान होता है:

  • अंकुरण के लिए: 20°C से 30°C
  • फल बनने के लिए: 15°C से 25°C

बहुत ज़्यादा ठंड या गर्मी में फूल झड़ जाते हैं। इसलिए टमाटर की खेती रबी या खरीफ सीजन में करना बेहतर रहता है।

  1. टमाटर की खेती के लिए मिट्टी

टमाटर लगभग हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है, परंतु सबसे अच्छी मिट्टी होती है:

  • दोमट (Loamy) या बलुई दोमट (Sandy Loam) मिट्टी
  • मिट्टी का pH 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए
  • मिट्टी में जल निकासी (Drainage) अच्छी होनी चाहिए

खेती से पहले खेत की जुताई कर गोबर की सड़ी खाद (FYM) या कंपोस्ट डालना जरूरी है।

  1. टमाटर की उन्नत किस्में (Hybrid Varieties)

सही किस्म चुनना सबसे ज़रूरी कदम है। नीचे कुछ लोकप्रिय और अधिक उत्पादन देने वाली किस्में दी गई हैं:

मौसम

किस्में

विशेषताएँ

खरीफ

पूसा रुबी, अर्का रक्षक

गर्मी झेलने वाली किस्में

रबी

अर्का विक्रांत, अर्का मेघाली

ठंड सहने वाली

सालभर

पूसा हाइब्रिड-1, लक्ष्मी, सोनाली

अधिक उपज और मजबूत पौधे

  1. बीज की मात्रा और पौध तैयार करना
  • प्रति एकड़ खेती के लिए लगभग 120–150 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।
  • बीज को बोने से पहले फफूंदनाशी (Fungicide) जैसे थायरम या बाविस्टिन से उपचार करें।
  • बीज को नर्सरी में बोएँ और 25–30 दिन बाद पौध तैयार हो जाएगी।
  • पौध जब 10–12 सेमी की हो जाए, तब खेत में प्रतिरोपण (Transplanting) करें।
  1. खेत की तैयारी और पौध लगाना
  1. खेत को दो बार गहरी जुताई करें।
  2. गोबर की सड़ी खाद (20-25 टन प्रति एकड़) मिलाएँ।
  3. क्यारियाँ (Beds) बनाकर 60 सेमी दूरी पर पौधे लगाएँ।
  4. पौध लगाते समय सिंचाई ज़रूर करें ताकि जड़ें जल्दी पकड़ सकें।
  1. सिंचाई प्रबंधन (Irrigation Management)
  • टमाटर की फसल को 10-12 दिनों के अंतराल पर पानी देना चाहिए।
  • फूल और फल बनने के समय पानी की कमी होने दें।
  • ड्रिप इरिगेशन (Drip Irrigation) सबसे बेहतर तरीका हैइससे पानी की बचत होती है और उपज बढ़ती है।
  1. खाद और उर्वरक का प्रयोग

संतुलित पोषण से टमाटर का आकार और गुणवत्ता बेहतर होती है।

उर्वरक

मात्रा (प्रति एकड़)

प्रयोग का समय

गोबर की खाद

20-25 टन

खेत की तैयारी में

नाइट्रोजन (N)

80 किग्रा

आधा पौध रोपाई में, आधा फल आने पर

फास्फोरस (P)

60 किग्रा

पौध रोपाई के समय

पोटाश (K)

60 किग्रा

फल बनने के समय

  1. टमाटर के प्रमुख रोग और नियंत्रण

टमाटर पर कई प्रकार के रोग और कीट लगते हैं, जैसे:

रोग / कीट

लक्षण

नियंत्रण

झुलसा रोग

पत्तियाँ सूखना

मैनकोजेब या रेडोमिल छिड़कें

फफूंदी रोग

सफेद धब्बे

बाविस्टिन स्प्रे करें

फल छेदक कीट

फल में छेद

नीम तेल (5%) या क्विनालफॉस स्प्रे करें

मोज़ेक वायरस

पत्तियाँ मुड़ना

रोगग्रस्त पौधे हटाएँ

  1. टमाटर की तुड़ाई (Harvesting)
  • रोपाई के 60–70 दिन बाद फल तोड़ने योग्य हो जाते हैं।
  • जब फल हल्के लाल रंग के हों, तब तोड़ें।
  • बाज़ार के अनुसार तोड़ाई का समय तय करेंपास के बाजार के लिए पके फल, दूर के लिए कच्चे फल तोड़ें।
  1. उत्पादन और उपज

अच्छी देखभाल से प्रति एकड़ 200–250 क्विंटल तक उपज ली जा सकती है।
हाइब्रिड किस्मों में उत्पादन और भी अधिक मिलता है।

  1. टमाटर की मार्केटिंग और मुनाफा

टमाटर का व्यापार स्थानीय मंडियों, थोक विक्रेताओं, प्रोसेसिंग यूनिट्स, और सुपरमार्केट्स में होता है।
यदि किसान ग्रेडिंग, पैकिंग और ब्रांडिंग पर ध्यान दें, तो उन्हें और भी अधिक दाम मिल सकते हैं।

एक एकड़ टमाटर की खेती से खर्च लगभग ₹40,000–₹60,000 तक आता है,
जबकि मुनाफा ₹1,00,000–₹1,50,000 तक संभव है।

  1. टमाटर प्रसंस्करण से अतिरिक्त कमाई

अगर आप केवल कच्चा टमाटर नहीं बेचना चाहते, तो प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर सॉस, प्यूरी या केचअप बनाकर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
सरकार की कई MSME योजनाओं के तहत ऐसे यूनिट के लिए सब्सिडी भी मिलती है।

  1. टमाटर की खेती में नई तकनीकें
  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टमजल की बचत और अधिक उपज
  • मल्चिंग शीटखरपतवार नियंत्रण और नमी संरक्षण
  • टिशू कल्चर पौधेरोगमुक्त और एकसमान फसल
  • IoT आधारित सेंसरमिट्टी की नमी और तापमान की निगरानी
  1. सरकारी योजनाएँ और सहायता

भारत सरकार और राज्य सरकारें किसानों को टमाटर की खेती के लिए सब्सिडी और प्रशिक्षण देती हैं।
कुछ प्रमुख योजनाएँ हैं:

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
  • राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM)
  • कृषि उपकरण सब्सिडी योजना

इन योजनाओं की जानकारी के लिए आप https://agricoop.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं।

  1. सफल टमाटर किसान की कहानी

मध्य प्रदेश के सतना जिले के किसान रामलाल यादव ने वैज्ञानिक पद्धति से टमाटर की खेती शुरू की।
ड्रिप सिस्टम और उन्नत किस्मों का प्रयोग करके उन्होंने प्रति एकड़ ₹1.8 लाख का मुनाफा कमाया।
उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक तकनीक अपनाने से किसान की आय दोगुनी हो सकती है।

  1. टमाटर की खेती में सावधानियाँ
  • एक ही खेत में बार-बार टमाटर लगाएँ (Crop Rotation करें)
  • पौध लगाने से पहले बीज उपचार ज़रूर करें।
  • अधिक पानी से जड़ सड़ने की संभावना होती है, सावधानी रखें।
  • समय-समय पर रोगों की निगरानी करें।

निष्कर्ष

टमाटर की खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं अगर वे सही तकनीक, उचित किस्में और समय पर देखभाल करें। यह फसल कम समय में अधिक उत्पादन देती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा रहती है।
अगर आप खेती शुरू करना चाहते हैं, तो टमाटर की खेती ( Tomato Farming)आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है।

(FAQs)

प्रश्न 1. टमाटर की खेती में कितने दिन लगते हैं?
उत्तर: टमाटर की फसल को बोने से लेकर तुड़ाई तक लगभग 90 से 120 दिन लगते हैं।

प्रश्न 2. टमाटर की खेती में कितना खर्च आता है?
उत्तर: प्रति एकड़ लगभग ₹40,000 से ₹60,000 का खर्च आता है, जिसमें बीज, खाद, सिंचाई और श्रम शामिल हैं।

प्रश्न 3. एक एकड़ में कितनी उपज मिलती है?
उत्तर: अच्छी किस्म और देखभाल से 200–250 क्विंटल प्रति एकड़ टमाटर प्राप्त किए जा सकते हैं।

प्रश्न 4. टमाटर की कौनसी किस्म सबसे अच्छी है?
उत्तर: पूसा हाइब्रिड-1, अर्का विक्रांत, और अर्का मेघाली किस्में अधिक उपज और रोग प्रतिरोधक हैं।

प्रश्न 5. टमाटर में कौनसे रोग आम होते हैं?
उत्तर: झुलसा रोग, फफूंदी, मोज़ेक वायरस और फल छेदक कीट आम हैं।

प्रश्न 6. टमाटर बेचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
उत्तर: स्थानीय मंडी के साथ-साथ प्रोसेसिंग यूनिट्स या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचकर ज्यादा मुनाफा पाया जा सकता है।

 

 




Tags : Agriculture | Farming | India | Tomato Farming

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