ये कैप्सूल बना देगा पराली को खाद, जानें क्या है इस्तेमाल का सही तरीका

02 Dec, 2023

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा पराली जलाने की समस्या से पैदा होने वाले प्रदूषण से छुटकारा दिलाने के लिए बायो डीकंपोजर बनाया गया था.

FasalKranti
Fiza, समाचार, [02 Dec, 2023]

हर साल सर्दियों से पहले पराली की समस्या मुख्य रूप से देखने को मिलती है. हालांकि केंद्र और राज्यों सरकारों द्वारा लगातार पराली की समस्या से निजात पाने की तमाम कोशिशे की जा रही हैं. बावजूद इसके कोई भी हल नहीं निकल पाया है. इसी कड़ी में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा पराली जलाने की समस्या से पैदा होने वाले प्रदूषण से छुटकारा दिलाने के लिए बायो डीकंपोजर बनाया गया था.


यह बायो डीकंपोजर कुछ ही दिनों में पराली को गलाकर खाद बनाने की क्षमता रखता है. इस विषय पर वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके इस्तेमाल के दौरान प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना चाहिए, तभी इसका उपयोग ज्यादा प्रभावी साबित होगा.

मिट्टी की उर्वरता में बढ़ावा
वैज्ञानिकों के मुताबिक उचित उपयोग से केवल प्रभावी पराली निपटान में ही फायदा नहीं होगा बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. पराली जलाने की घटनाएं उत्तर भारत में एक बड़ी समस्या बनकर आई है. इसके चलते दिल्ली-एनसीआर समेत पड़ोसी राज्यों में वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी से जोड़ा गया है.


खाद में बदल जाएगी पराली
इस साल नवंबर में एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बार-बार 400 और 450 की 'गंभीर' और 'गंभीर प्लस' सीमा को पार कर गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि पूसा बायोडीकंपोजर एक माइक्रोबियल समाधान है जो लगभग 20 दिनों में लगभग 70-80 प्रतिशत पराली अवशेषों को खाद में बदल सकता है.

4 कैप्सूल से बना सकते हैं 25 लीटर तक घोल
पूसा इंस्टीट्यूट के मुताबिक बायो डिकंपोजर 4 कैप्सूल से 25 लीटर तक बायो डिकंपोजर घोल बनाया जा सकता है. 25 लीटर घोल में 500 लीटर पानी मिलाकर इसका छिड़काव ढाई एकड़ में किया जा सकता है. ये पराली को कुछ ही दिनों में ही सड़ाकर खाद बना सकता है. इसके लिए धान की कटाई के बाद तुरंत इसका छिड़काव किया जाना चाहिए. छिड़काव करने के बाद पराली को जल्द से जल्द मिट्टी में मिलाना या जुताई करना बेहद जरूरी है.


जानें कैसे बनता है घोल
घोल बनाने के लिए सबसे पहले 5 लीटर पानी मे 100 ग्राम गुड़ उबाला जाता है. ठंडा होने के बाद घोल में 50 ग्राम बेसन मिलाकर कैप्सूल घोलना होता है. इसके बाद घोल को 10 दिन तक एक अंधेरे कमरे में रखा जाता है. पराली पर छिड़काव के लिए बायो-डिकम्पोजर घोल तैयार हो जाता है. इस घोल को जब पराली पर छिड़का जाता है तो 15 से 20 दिन के अंदर पराली गलनी शुरू हो जाती है. धीरे-धीरे ये पराली सड़कर खेत में खाद बन जाएगी. इससे जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ावा मिलता है, जो आने वाली फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. डिंकपोजर छिड़कने के बाद अवशेष और फसल को पलटना भी जरूरी है. इससे पराली गलने की प्रकिया में तेजी आती है.



ताज़ा ख़बरें

1

न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड ने सर्वोच्च न्यायालय में आयुष केंद्र का उद्घाटन किया

2

जैकी भगनानी ने भरा रकुल प्रीत की मांग में सिंदूर, फोटोज में कपल दिखा खूबसूरत

3

एनटीपीसी को प्रभावी जल प्रबंधन के लिए मान्यता मिली

4

किसान दो दिन तक नहीं करेंगे दिल्ली कूच, पर प्रदर्शन रहेगा जारी एमएसपी को लेकर आंदोलन

5

गुजरात डेयरी संघ के कार्यक्रम में पहुंचे PM MODI, AMUL को बताया लोगों का विश्वास

6

केन्द्री य वित्त मंत्री ने नई दिल्ली में एफएसडीसी की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की

7

भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देगा

8

किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, गन्ने पर बढ़ाई MSP

9

अंतरिक्ष क्षेत्र के संबंध में एफडीआई नीति में संशोधन को मंजूरी

10

कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे और कनाडा के स्कॉट मो के बैठक संपन्नय हुई


ताज़ा ख़बरें

1

न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड ने सर्वोच्च न्यायालय में आयुष केंद्र का उद्घाटन किया

2

जैकी भगनानी ने भरा रकुल प्रीत की मांग में सिंदूर, फोटोज में कपल दिखा खूबसूरत

3

एनटीपीसी को प्रभावी जल प्रबंधन के लिए मान्यता मिली

4

किसान दो दिन तक नहीं करेंगे दिल्ली कूच, पर प्रदर्शन रहेगा जारी एमएसपी को लेकर आंदोलन

5

गुजरात डेयरी संघ के कार्यक्रम में पहुंचे PM MODI, AMUL को बताया लोगों का विश्वास

6

केन्द्री य वित्त मंत्री ने नई दिल्ली में एफएसडीसी की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की

7

भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देगा

8

किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, गन्ने पर बढ़ाई MSP

9

अंतरिक्ष क्षेत्र के संबंध में एफडीआई नीति में संशोधन को मंजूरी

10

कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे और कनाडा के स्कॉट मो के बैठक संपन्नय हुई