×

सरकार सस्ती कीमतों में दे रही शकरकंद की बेल, घर बैठे करें खरीदी!

07 Dec, 2024 04:27 PM

शकरकंद की खेती करने के लिए भारतीय बीज निगम किसानों को उन्नत किस्म वाली बेल उपलब्ध करा रही है.

FasalKranti
समाचार, [07 Dec, 2024 04:27 PM]

भारत में सर्दियों के मौसम के आते ही मूली, गाजर, पालक, शकरकंद जैसी कई सब्जियों की आवक और खेती शुरु हो जाती है. इसी बीच शकरकंद की खेती करने के लिए भारतीय बीज निगम किसानों को उन्नत किस्म वाली बेल उपलब्ध करा रही है. इसे जून से अगस्त के बीच बोया जाता है. लेकिन ये ऐसी किस्म है जिसे किसी भी समय बो सकते हैं. ऐसे में शकरकंद की ज्यादा पैदावार के लिए उसकी बेल का बेस्ट क्वालिटी का होना जरूरी है.

जानें क्या है खासियत?
सरकार द्वारा बिक्री के लिए जारी की गई ये शकरकंद की किस्म अपने आप में खास है. इस किस्म को बोने के बाद जल्द ही उपज देनी शुरु कर देती है. इसकी चौड़ी पत्तियां होती हैं. वहीं इसके कंद आकार में छोटे और गुलाबी होते हैं. इस कंद में 33 फीसदी शुष्क पदार्थ, 20 फीसदी स्टार्च और 2.9 फीसदी चीनी होती है.
ऐसे खरीदें बेल
राष्ट्रीय बीज निगम किसानों को बेल खरीदने के लिए ऑनलाइन शकरकंद उपलब्ध करा रही है. इस बेल को आप ओएनडीसी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं. यहां किसानों को कई अन्य प्रकार की फसलों के बीज भी आसानी से मिल जाएंगे. किसान इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर पर डिलीवरी करवा सकते हैं. इसके 500 ग्राम के पैकेट के बीज फिलहाल 35 फीसदी की छूट के साथ 1562 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएंगे.
कैसे करें शकरकंद की खेती?
शकरकंद की खेती करने के लिए 170 से 200 क्विंटल सड़ी गोबर खाद प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में डाल दें. इसके बाद खेत में अच्छे से दो-तीन बार जुताई करें. अंतिम जुताई रोटावेटर से करके खेत की मिट्टी को भुरभुरा और हवादार बना लें. उसके बाद शकरकंद के बेल की बुवाई करें. साथ ही इसकी बुवाई आप अपने बगीचे में भी कर सकते हैं.

Tags : Sweet potato | Vegetable | Farming | NSA | Agriculture

Related News

यूपी (UP) में गन्ना किसानों के लिए नई सुविधा, बीज जानकारी ऑनलाइन

तेलंगाना में 30,000 सॉइल हेल्थ वॉलंटियर्स तैयार करने की पहल शुरू

Dhan Ki Kheti: किसानों के लिए ज्यादा मुनाफे का सुनहरा अवसर

हफ्ते भर बाद खत्म हुई आढ़तियों की हड़ताल, गेहूं खरीद फिर पटरी पर

रबी फसलों को नुकसान पर पंजाब सरकार अलर्ट, केंद्र से तुरंत सर्वे की अपील

बेमौसम बारिश और ओले गिरने से नासिक में फसलों को भारी नुकसान

द्विपक्षीय मार झेल रहा भारत का कृषि क्षेत्र

ज़ायद फसलों से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, गर्मी के मौसम में खेती का सुनहरा मौका

अगले खरीफ सीजन के लिए नॉन-यूरिया फर्टिलाइजर सब्सिडी 11% बढ़ाई गई

‘आरोग्य वन’ पहल: हाईवे किनारे उगेंगे औषधीय पेड़, बढ़ेगी जैव विविधता

ताज़ा ख़बरें

1

अगले खरीफ सीजन के लिए नॉन-यूरिया फर्टिलाइजर सब्सिडी 11% बढ़ाई गई

2

‘आरोग्य वन’ पहल: हाईवे किनारे उगेंगे औषधीय पेड़, बढ़ेगी जैव विविधता

3

पराली प्रबंधन में लापरवाही पर सख्ती, 6 थर्मल प्लांट्स पर ₹61.85 करोड़ का जुर्माना

4

भारत-मिस्र सैन्य सहयोग मजबूत: ‘साइक्लोन-IV’ अभ्यास के लिए भारतीय सेना का दल रवाना

5

खरीफ 2026 के लिए बड़ी राहत: फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी को कैबिनेट की मंजूरी नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता

6

जलवायु-अनुकूल गेहूं से आत्मनिर्भर कृषि की ओर: करनाल में ICAR की पहलों की समीक्षा

7

तीन दिन का “कृषि महाकुंभ”, रायसेन में एक मंच पर मिलेंगी खेती से जुड़ी सभी योजनाएँ

8

ओलावृष्टि और बारिश का कहर: यूपी में 40% गेहूं फसल तबाह, किसानों पर संकट गहराया

9

WhatsApp का बड़ा बदलाव: अब बिना नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है Username फीचर!

10

Gehu Ki Kheti: सही बीज, खाद और सिंचाई से बढ़ेगा उत्पादन


ताज़ा ख़बरें

1

अगले खरीफ सीजन के लिए नॉन-यूरिया फर्टिलाइजर सब्सिडी 11% बढ़ाई गई

2

‘आरोग्य वन’ पहल: हाईवे किनारे उगेंगे औषधीय पेड़, बढ़ेगी जैव विविधता

3

पराली प्रबंधन में लापरवाही पर सख्ती, 6 थर्मल प्लांट्स पर ₹61.85 करोड़ का जुर्माना

4

भारत-मिस्र सैन्य सहयोग मजबूत: ‘साइक्लोन-IV’ अभ्यास के लिए भारतीय सेना का दल रवाना

5

खरीफ 2026 के लिए बड़ी राहत: फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी को कैबिनेट की मंजूरी नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता

6

जलवायु-अनुकूल गेहूं से आत्मनिर्भर कृषि की ओर: करनाल में ICAR की पहलों की समीक्षा

7

तीन दिन का “कृषि महाकुंभ”, रायसेन में एक मंच पर मिलेंगी खेती से जुड़ी सभी योजनाएँ

8

ओलावृष्टि और बारिश का कहर: यूपी में 40% गेहूं फसल तबाह, किसानों पर संकट गहराया

9

WhatsApp का बड़ा बदलाव: अब बिना नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है Username फीचर!

10

Gehu Ki Kheti: सही बीज, खाद और सिंचाई से बढ़ेगा उत्पादन