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स्क्रैप बनेगा भारत के इस्पात डीकार्बोनाइजेशन का आधार

17 Nov, 2025 04:00 PM

भारत के इस्पात उद्योग में स्क्रैप तेजी से हरित इस्पात के उत्पादन का मुख्य घटक बनता जा रहा है। एमजंक्शन द्वारा आयोजित 12वें इंडियन स्टील मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने कहा

FasalKranti
Vipin Mishra, समाचार, [17 Nov, 2025 04:00 PM]
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भारत के इस्पात उद्योग में स्क्रैप तेजी से हरित इस्पात के उत्पादन का मुख्य घटक बनता जा रहा है। एमजंक्शन द्वारा आयोजित 12वें इंडियन स्टील मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने कहा, “इस्पात वह सामग्री है जिसे बार-बार रीसायकल किया जा सकता है, बिना गुणवत्ता खोए,” एमजंक्शन के एमडी विनया वर्मा ने कहा।
भारत में स्क्रैप की वर्तमान खपत 42 मिलियन टन है और हर साल इसमें 6% की वृद्धि हो रही है। सेल के निदेशक सैयद जावेद अहमद ने कहा, “सस्टेनेबिलिटी अब विकल्प नहीं, बल्कि रणनीति है।” स्क्रैप की कमी और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए एमजंक्शन ने एआई-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।
एमजंक्शन ने 120 स्थानों से 250 सप्लायर्स को जोड़ा है और 15 राज्यों में 1.2 मिलियन टन स्क्रैप की आपूर्ति की है। यह कदम हरित स्टील उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



Tags : Scrap | India's steel decarbonisation | basis of India's steel decarbonisation |

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