×

सऊदी अरब: रियाद अमीर ने पर्यावरण, जल और कृषि क्षेत्र में 10 अरब डॉलर से अधिक की 181 परियोजनाओं का शुभारंभ किया

11 Nov, 2025 03:45 PM

सऊदी अरब ने अपने विजन 2030 लक्ष्यों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पर्यावरण, जल और कृषि क्षेत्रों में 181 नई परियोजनाओं की शुरुआत की है।

FasalKranti
Fiza, समाचार, [11 Nov, 2025 03:45 PM]
125

सऊदी अरब ने अपने विजन 2030 लक्ष्यों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पर्यावरण, जल और कृषि क्षेत्रों में 181 नई परियोजनाओं की शुरुआत की है। रियाद के अमीर शहज़ादे फैसल बिन बंदर बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद ने इन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनकी कुल लागत 38 अरब सऊदी रियाल (लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक है। इनमें से 82 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया जबकि 99 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।

कार्यक्रम में सऊदी अरब के पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री इंजीनियर अब्दुलरहमान अल-फदलि और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमीर का स्वागत किया। इस अवसर पर अमीर फैसल बिन बंदर ने कहा कि ये परियोजनाएं देश के नेतृत्व द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और कृषि विकास के प्रति दी जा रही निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, “ये पहल हमारे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक गुणात्मक छलांग हैं।”

राष्ट्रीय जल कंपनी (NWC) ने 4.5 अरब रियाल की लागत से 61 परियोजनाएं पूरी की हैं, जिनका उद्देश्य पीने के पानी और स्वच्छता सेवाओं में सुधार करना है। वहीं, सऊदी जल प्राधिकरण (SWA) ने 5.1 अरब रियाल की लागत से तीन परियोजनाओं के माध्यम से डीसैलिनेशन (समुद्री जल शोधन) क्षमता बढ़ाने और जल सुरक्षा को मजबूत किया है।

कृषि क्षेत्र में सऊदी सिंचाई संगठन (SIO) ने 58 मिलियन रियाल की लागत से सिंचाई ढांचे का आधुनिकीकरण किया है ताकि जल उपयोग की दक्षता बढ़ाई जा सके। साथ ही, मंत्रालय द्वारा 40 मिलियन रियाल के अतिरिक्त निवेश से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में जल आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। नेशनल सेंटर फॉर वेजिटेशन डेवलपमेंट एंड डेजर्टिफिकेशन कंट्रोल (NCVC) ने 61.2 मिलियन रियाल की लागत से 10 परियोजनाएँ शुरू की हैं। इनमें अल-जुल्फी गवर्नरेट में 4,000 हेक्टेयर भूमि का पुनर्वास, राष्ट्रीय उद्यानों का विकास, और 5.2 लाख पौधों का रोपण शामिल है। इन प्रयासों का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाना, जैव विविधता का संरक्षण, और भूमि उपयोग को सतत बनाना है।

भविष्य की 99 परियोजनाओं में 28.3 अरब रियाल का निवेश होगा। इनमें से अधिकांश योजनाएँ पीने के पानी और स्वच्छता सेवाओं के विस्तार पर केंद्रित हैं। साथ ही, आठ नई परियोजनाएँ कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित हैं, जिनकी लागत 254 मिलियन रियाल है। इनमें से कुछ राष्ट्रीय पौध एवं पशु रोग नियंत्रण केंद्र (Weqaa) और ‘सऊदी रीफ’ ग्रामीण विकास कार्यक्रम द्वारा लागू की जाएंगी।

मंत्री अल-फदलि ने कहा कि ये सभी पहलें किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत सऊदी अरब की सतत विकास और जीवन गुणवत्ता सुधार नीति का हिस्सा हैं।

कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ रियाद जियोपार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने की घोषणा भी की गई। यह पार्क 3,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें तुवैक पर्वत, जुरासिक काल के जीवाश्म, और प्राकृतिक गुफाएँ व घाटियाँ शामिल हैं। इस मान्यता के साथ सऊदी अरब मध्य पूर्व का पहला देश बन गया है, जिसके दो भू-उद्यानों को वैश्विक स्तर पर यूनेस्को मान्यता मिली है — यह उसके पर्यावरण और विरासत संरक्षण प्रयासों की ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।




Tags : Agriculture | Farming | indian Agriculture

Related News

ग्रामीण विकास को बड़ा सहारा: केंद्र ने 8 राज्यों को 2,461 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी किया

मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार: तेहरान में धमाके, इज़रायल ने मिसाइल हमले नाकाम किए

किसानों के लिए अलर्ट: मक्के की फसल पर फॉल आर्मीवर्म का खतरा, वैज्ञानिकों ने बताए बचाव के उपाय

रबी विपणन सत्र 2026-27: शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद, किसानों को मिलेगा ₹2585 प्रति क्विंटल MSP

ग्रीन अमोनिया से बदलेगा उर्वरक सेक्टर, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

खीरा-भिंडी की फसल को कीटों से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताए पर्यावरण अनुकूल उपाय

सेवा, समर्पण और विरासत को सलाम: दो वरिष्ठ शिक्षाविदों को भावुक विदाई

कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य को नई मजबूती, ‘साथ’ पहल से छात्रों को 24×7 काउंसलिंग सहारा

ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की व्यापक पहल

फसल अवशेष से बनेगा ‘बायो-बिटुमेन’, भारत को हर साल 40,000 करोड़ रुपये की बचत का रास्ता

ताज़ा ख़बरें

1

ग्रीन अमोनिया से बदलेगा उर्वरक सेक्टर, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

2

खीरा-भिंडी की फसल को कीटों से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताए पर्यावरण अनुकूल उपाय

3

सेवा, समर्पण और विरासत को सलाम: दो वरिष्ठ शिक्षाविदों को भावुक विदाई

4

कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य को नई मजबूती, ‘साथ’ पहल से छात्रों को 24×7 काउंसलिंग सहारा

5

ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की व्यापक पहल

6

फसल अवशेष से बनेगा ‘बायो-बिटुमेन’, भारत को हर साल 40,000 करोड़ रुपये की बचत का रास्ता

7

March में ganne ki kheti, 100 टन उत्पादन संभव

8

सीएसआईआर-निस्पर और विज्ञान नगरी आंध्र प्रदेश के बीच समझौता, विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान को मिलेगा नया बल

9

MSME का बढ़ता निर्यात दम: सरकार की नई पहलों से वैश्विक बाजार में बढ़ी हिस्सेदारी

10

डिमापुर में MSME जागरूकता शिविर: 300+ उद्यमियों को मिला बड़ा मंच, सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर


ताज़ा ख़बरें

1

ग्रीन अमोनिया से बदलेगा उर्वरक सेक्टर, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

2

खीरा-भिंडी की फसल को कीटों से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताए पर्यावरण अनुकूल उपाय

3

सेवा, समर्पण और विरासत को सलाम: दो वरिष्ठ शिक्षाविदों को भावुक विदाई

4

कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य को नई मजबूती, ‘साथ’ पहल से छात्रों को 24×7 काउंसलिंग सहारा

5

ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की व्यापक पहल

6

फसल अवशेष से बनेगा ‘बायो-बिटुमेन’, भारत को हर साल 40,000 करोड़ रुपये की बचत का रास्ता

7

March में ganne ki kheti, 100 टन उत्पादन संभव

8

सीएसआईआर-निस्पर और विज्ञान नगरी आंध्र प्रदेश के बीच समझौता, विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान को मिलेगा नया बल

9

MSME का बढ़ता निर्यात दम: सरकार की नई पहलों से वैश्विक बाजार में बढ़ी हिस्सेदारी

10

डिमापुर में MSME जागरूकता शिविर: 300+ उद्यमियों को मिला बड़ा मंच, सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर