नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम बजट को “विकसित भारत” के सपने को साकार करने वाला दूरदर्शी बजट बताते हुए कहा कि इसमें देश के भविष्य के लिए स्पष्ट रोडमैप और ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है। उन्होंने दावा किया कि यह बजट विशेष रूप से ग्रामीण भारत, किसानों और बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
मंत्री ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक नॉर्थ ईस्ट, विशेषकर असम, को केवल वोट बैंक की राजनीति का केंद्र बनाकर रखा गया। उनके अनुसार, लंबे समय तक इस क्षेत्र में न तो सड़क और रेल जैसी आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास हुआ, न उद्योगों का विस्तार किया गया और न ही युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा किए गए। चौहान ने कहा कि मौजूदा सरकार नॉर्थ ईस्ट को देश की विकास यात्रा में अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्रामीण विकास पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में 21 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। सरकार ने मनरेगा के स्थान पर लाई गई VB-GRAM-G योजना के लिए ₹1,51,282 करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष के ₹86,000 करोड़ से काफी अधिक है। मंत्री के मुताबिक यह योजना ग्रामीण रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी ध्यान देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 दिनों के बजाय 125 दिन रोजगार देने का वादा किया है और इसके लिए बजट में पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा “संपूर्ण विकसित गांव” की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, डिजिटल कनेक्टिविटी और आजीविका के अवसर शामिल हैं।
कृषि क्षेत्र को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा करते हुए चौहान ने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए ₹1,32,561 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए लगभग ₹9,967 करोड़ निर्धारित किए गए हैं, ताकि नई तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक खेती के तरीकों को बढ़ावा मिल सके।
किसानों को सीधी राहत देने के लिए सरकार ने फर्टिलाइज़र सब्सिडी के रूप में ₹1,70,944 करोड़ का प्रावधान किया है। मंत्री ने कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों को उर्वरक सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे। उनका कहना था कि यह कदम छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगा।
चौहान ने निष्कर्ष में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि गांव, गरीब, किसान और युवाओं के सशक्तिकरण का संकल्प है, जो भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेगा।
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