पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना ने वैश्विक शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए BRICS नेटवर्क यूनिवर्सिटी (BRICS-NU) में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया है। PAU को सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड फूड सिक्योरिटी (सतत कृषि एवं खाद्य सुरक्षा) विषयक समूह में शामिल किया गया है, जिससे यह विश्वविद्यालय BRICS देशों के चुनिंदा अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में आ गया है।
BRICS अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बोर्ड द्वारा मई 2025 में नेटवर्क के विस्तार को स्वीकृति दी गई थी, जिसके अंतर्गत सतत कृषि एवं खाद्य सुरक्षा जैसे नए थीमैटिक क्लस्टर गठित किए गए। भारत की ओर से इस विषय क्षेत्र में दो संस्थानों का चयन किया गया, जिनमें PAU को उसके कृषि विज्ञान में दीर्घकालिक योगदान और ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने वाली भूमिका के लिए चुना गया। उल्लेखनीय है कि PAU देश का एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय है जिसे इस नेटवर्क में शामिल किया गया है, जबकि संस्थान श्रेणी में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) को स्थान मिला है।
यह उपलब्धि ऐसे समय पर सामने आई है जब भारत वर्ष 2026 में BRICS की घूर्णन अध्यक्षता संभालने की तैयारी कर रहा है। दिसंबर 2025 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रकोष्ठ की बैठक में चयनित भारतीय विश्वविद्यालयों को अपने-अपने विषय क्षेत्रों में सक्रिय शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इसके तहत PAU ने BRICS नेटवर्क से जुड़े कृषि विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त बैठकें, अकादमिक सत्र और शोध सहयोग शुरू करने की योजना बनाई है। ये गतिविधियां ऑनलाइन, ऑफलाइन या फिर PAU के प्रसिद्ध किसान मेलों के साथ भी आयोजित की जा सकती हैं, जिनमें दो दिनों में एक लाख से अधिक किसान भाग लेते हैं।
PAU की पहचान देश में हरित क्रांति की आधारशिला रखने वाले संस्थान के रूप में रही है। विश्वविद्यालय अब तक 970 से अधिक फसल किस्में विकसित कर चुका है और फसल प्रबंधन, पर्यावरण नियंत्रण, मृदा एवं जल संरक्षण जैसी तकनीकों में अग्रणी योगदान देता रहा है। इसके चलते देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय स्थिरता को मजबूती मिली है।
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के तहत शिक्षा मंत्रालय ने PAU को वर्ष 2023 से 2025 तक लगातार तीन वर्षों तक राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान दिया है, जो इसकी अकादमिक साख को और मजबूत करता है।
PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि BRICS नेटवर्क यूनिवर्सिटी में PAU का चयन भारतीय कृषि विज्ञान पर वैश्विक भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मंच जलवायु अनुकूल खेती, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ आजीविका के लिए बहु-देशीय समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा, जिसका सीधा लाभ किसानों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को मिलेगा।
BRICS-NU गतिविधियों के लिए विश्वविद्यालय ने डॉ. विशाल बेक्टर, एसोसिएट डायरेक्टर (इंस्टीट्यूशनल रिलेशंस) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वे अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध प्रस्तावों और नेटवर्क से जुड़े समन्वय का दायित्व संभालेंगे।
भारत की BRICS अध्यक्षता से पहले PAU की यह भूमिका न केवल विश्वविद्यालय बल्कि भारतीय कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।