केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने लोकसभा में जानकारी दी कि बेसिक एनिमल हजबेंड्री स्टैटिस्टिक्स 2024 के अनुसार वर्ष 2023-24 में देश का कुल दूध उत्पादन 239.30 मिलियन टन रहा। इसमें गाय और भैंस का योगदान क्रमशः 53.12% और 43.62% रहा, जो मिलकर कुल उत्पादन का लगभग 96.74% बनता है।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन में सबसे आगे है, जहाँ गाय से 13,106.39 हजार टन और भैंस से 24,351.54 हजार टन दूध प्राप्त हुआ। इसके बाद राजस्थान का स्थान है, जहाँ गाय से 14,806.90 हजार टन और भैंस से 16,789.55 हजार टन दूध उत्पादन हुआ। मध्य प्रदेश, गुजरात, और महाराष्ट्र भी देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल हैं।
कुछ राज्यों में भैंस के दूध का उत्पादन अत्यधिक है, जैसे हरियाणा (9,228.60 हजार टन) और पंजाब (7,824.43 हजार टन), जबकि तमिलनाडु और केरल में गाय के दूध का उत्पादन अधिक है और भैंस के दूध का योगदान काफी कम है।
पूर्वोत्तर राज्यों में दूध उत्पादन अपेक्षाकृत कम है। उदाहरण के तौर पर असम में गाय से 960.16 हजार टन और भैंस से केवल 111.20 हजार टन दूध मिला, जबकि मिजोरम में भैंस के दूध का उत्पादन शून्य दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों से साफ है कि भारत की डेयरी अर्थव्यवस्था में गाय और भैंस दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक डेयरी तकनीकों, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और चारे की गुणवत्ता में सुधार के जरिए आने वाले वर्षों में दूध उत्पादन को और बढ़ाया जाए, ताकि देश दुग्ध उत्पादन में अपनी वैश्विक अग्रणी स्थिति को बनाए रख सके।