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क्या आपकी Haldi Powder शुद्ध है? मिलावट के खिलाफ FSSAI की कार्रवाई

17 Feb, 2026 03:41 PM

लेकिन क्या आपकी रसोई में रखी हल्दी सुरक्षित है? आइए मसालों की सुरक्षा के विज्ञान, FSSAI के नियमों और आप अपने परिवार को विषैले पदार्थों से कैसे बचा सकते हैं, इस पर नजर डालते हैं।

FasalKranti
Himali, समाचार, [17 Feb, 2026 03:41 PM]
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कोविड-19 महामारी ने लाखों भारतीयों को घर का शेफ और वेलनेस उत्साही बना दिया, और एक सुनहरे मसाले को सुपरस्टार बना दिया: Haldi Powder। चाहे इसे इम्यूनिटी के लिए गर्म दूध में मिलाया जाए या दाल के तड़के में डाला जाए, हल्दी भारतीय घरों में एक अनिवार्य सामग्री बन गई है। हालांकि, बढ़ती मांग के साथ एक कड़वी सच्चाई भी सामने आई है: मिलावट।

हाल की रिपोर्टों में देशभर में बिक रही हल्दी में सीसा और सिंथेटिक रंगों के चौंकाने वाले स्तर पाए गए हैं, जिसके बाद Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने निगरानी बढ़ा दी है। लेकिन क्या आपकी रसोई में रखी हल्दी सुरक्षित है? आइए मसालों की सुरक्षा के विज्ञान, FSSAI के नियमों और आप अपने परिवार को विषैले पदार्थों से कैसे बचा सकते हैं, इस पर नजर डालते हैं।

मिलावट क्यों है एक वास्तविक स्वास्थ्य चिंता

सीसा से दूषित Haldi Powder का नियमित सेवन समय के साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है, जिनमें शामिल हैं:

1. बच्चों में मस्तिष्क क्षति और विकास में देरी: सीसा के संपर्क से बच्चों के मस्तिष्क का विकास प्रभावित हो सकता है, जिससे सीखने में कठिनाई, ध्यान में कमी, याददाश्त की समस्या और दीर्घकालिक विकास संबंधी देरी हो सकती है।

2. गुर्दा विकार: लगातार सीसा का सेवन गुर्दों के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता है, फिल्ट्रेशन क्षमता कम कर सकता है और दीर्घकालिक किडनी रोग का खतरा बढ़ा सकता है।

3. हृदय संबंधी समस्याएं: सीसा रक्तचाप बढ़ा सकता है, हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है और वयस्कों में हृदय रोग तथा स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है।

4. प्रजनन हानि: लंबे समय तक सीसा के संपर्क से पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है, हार्मोन असंतुलन हो सकता है और गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

Haldi Powder में क्या मिलाया जा रहा है?

मिलावट करने वाले केवल सस्ते स्टार्च नहीं मिला रहे हैं; वे लागत कम करने और रंग को आकर्षक बनाने के लिए औद्योगिक रसायन भी मिला रहे हैं। हाल के अध्ययनों में सबसे चिंताजनक प्रदूषक के रूप में लेड क्रोमेट पाया गया है।

1. कृत्रिम रंग मिलाना: सस्ते सिंथेटिक रंग जैसे मेटानिल येलो चमक बढ़ाने और हल्दी को गहरा पीला दिखाने के लिए मिलाए जाते हैं, जिससे निम्न गुणवत्ता वाला पाउडर भी ताजा और प्रीमियम लगे।

2. स्टार्च और आटा मिलाना: मक्का (Makka) आटा, चावल का आटा या अन्य स्टार्च मात्रा बढ़ाने के लिए मिलाए जाते हैं। इससे शुद्धता और औषधीय गुण कम हो जाते हैं, जबकि बनावट और रंग समान रहता है।

3. चॉक पाउडर मिलाना: कुछ व्यापारी वजन बढ़ाने के लिए चॉक पाउडर मिलाते हैं। इससे गुणवत्ता घटती है और नियमित सेवन से पाचन पर असर पड़ सकता है।

4. लेड क्रोमेट की मिलावट: पीला रंग बढ़ाने के लिए अवैध रूप से लेड क्रोमेट मिलाया जाता है। यह अत्यधिक विषैला है और लंबे समय तक सेवन करने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

5. उपयोग की गई हल्दी का पाउडर: आवश्यक तेल या करक्यूमिन निकालने के बाद बची हल्दी को सुखाकर ताजा पाउडर के रूप में बेचा जाता है, जिससे स्वाद, सुगंध और स्वास्थ्य लाभ कम हो जाते हैं।

Haldi Powder में मिलावट के खिलाफ FSSAI क्या करता है

1. कड़े मानक निर्धारित करना: FSSAI खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत Haldi Powder के लिए स्पष्ट गुणवत्ता मानक तय करता है, जिनमें सीसा, कृत्रिम रंग, नमी और करक्यूमिन की सीमा शामिल है ताकि उपभोक्ता सुरक्षित रहें।

2. नियमित बाजार निगरानी: खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंडियों, खुदरा दुकानों और प्रोसेसिंग इकाइयों से हल्दी के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजते हैं ताकि लेड क्रोमेट या सिंथेटिक रंग जैसी मिलावट का पता लगाया जा सके।

3. प्रयोगशाला परीक्षण और विश्लेषण: मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं नमूनों में भारी धातुओं, गैर-अनुमोदित रंगों और अन्य प्रदूषकों की जांच करती हैं। जो उत्पाद सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया जाता है।

4. जुर्माना और कानूनी कार्रवाई: मिलावट के दोषी पाए गए निर्माता या व्यापारी पर भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द, उत्पाद जब्ती और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अभियोजन किया जाता है।

5. उत्पाद रिकॉल और जब्ती: असुरक्षित हल्दी के बैच को तुरंत बाजार से वापस लेकर नष्ट किया जाता है ताकि जनता को स्वास्थ्य जोखिम से बचाया जा सके।

6. उपभोक्ता जागरूकता अभियान: FSSAI अपने ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान और मीडिया के माध्यम से उपभोक्ताओं को शुद्ध हल्दी पहचानने और संदिग्ध उत्पादों की शिकायत करने के बारे में जागरूक करता है।

7. लाइसेंस और अनुपालन जांच: सभी खाद्य व्यवसायों के लिए FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस अनिवार्य है। नियमित निरीक्षण से स्वच्छता, सोर्सिंग, लेबलिंग और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता है।

Haldi Powder की शुद्धता जांचने के सरल घरेलू परीक्षण

1. पानी परीक्षण: एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें और बिना हिलाए देखें। शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठती है, जबकि कृत्रिम रंग पानी में जल्दी फैल सकता है।

2. ब्लॉटिंग पेपर परीक्षण: गीले ब्लॉटिंग पेपर पर थोड़ी हल्दी रखें। यदि चमकीला पीला दाग तुरंत फैल जाए, तो उसमें सिंथेटिक रंग हो सकता है। शुद्ध हल्दी हल्का प्राकृतिक दाग छोड़ती है।

3. हथेली रगड़ परीक्षण: Haldi Powder को उंगलियों के बीच रगड़ें। शुद्ध हल्दी में हल्की मिट्टी जैसी सुगंध और चिकनाहट होती है, जबकि मिलावटी पाउडर किरकिरा या बहुत चमकीला लग सकता है।

4. चॉक के लिए अम्ल परीक्षण: हल्दी में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाएं। यदि झाग बने, तो उसमें चॉक मिलावट हो सकती है। शुद्ध हल्दी में बुलबुले नहीं बनते।

5. कृत्रिम रंग के लिए अल्कोहल परीक्षण: थोड़ी हल्दी को अल्कोहल में मिलाएं। यदि तेज पीला रंग तुरंत अलग हो जाए, तो उसमें सिंथेटिक डाई हो सकती है।

6. गंध और स्वाद जांच: शुद्ध हल्दी का स्वाद गर्म और हल्का कड़वा होता है तथा उसकी प्राकृतिक सुगंध होती है। यदि इसमें

यदि आपकी हल्दी संदिग्ध लगे तो कैसे पहचानें

1. असामान्य रूप से चमकीला पीला रंग: यदि हल्दी बहुत ज्यादा चमकीली, लगभग नियॉन पीली दिखे, तो उसमें कृत्रिम रंग हो सकता है। प्राकृतिक हल्दी का रंग मिट्टी जैसा गर्म पीला होता है।

2. बहुत जल्दी दाग छोड़ना: यदि थोड़ी सी हल्दी तुरंत बहुत गहरा दाग छोड़ दे, तो यह सिंथेटिक रंग का संकेत हो सकता है।

3. तेज रासायनिक गंध: शुद्ध हल्दी में हल्की मिट्टी जैसी खुशबू होती है। यदि गंध तेज, धात्विक या रासायनिक हो, तो यह चेतावनी संकेत है।

4. किरकिरा या चॉक जैसा बनावट: उंगलियों के बीच रगड़ें। यदि यह ज्यादा किरकिरा लगे या सफेद अवशेष छोड़े, तो इसमें चॉक या अन्य मिलावट हो सकती है।

5. असामान्य रूप से कम कीमत: यदि कीमत बाजार दर से बहुत कम हो, खासकर प्रीमियम किस्मों के लिए, तो यह मिलावट (adulteration) का संकेत हो सकता है।

सुरक्षित Haldi Powder कैसे चुनें

1. ब्रांडेड और पैकेज्ड मसाले चुनें: खुली हल्दी ताजी दिख सकती है, लेकिन उसमें मिलावट की संभावना अधिक होती है। भरोसेमंद पैकेज्ड ब्रांड FSSAI मानकों और नियमित गुणवत्ता जांच का पालन करते हैं।

2. FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर देखें: पैकेट पर FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर अवश्य जांचें। यह दर्शाता है कि निर्माता पंजीकृत है और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करता है।

3. ऑर्गेनिक या प्रमाणित किस्म खरीदें: यदि लाकाडोंग जैसी प्रीमियम हल्दी खरीद रहे हैं, तो प्रमाणित और ट्रेसेबल स्रोत से लें।

4. घरेलू परीक्षण करें: नई हल्दी खरीदने के बाद एक गिलास साफ पानी में एक चम्मच हल्दी डालें और बिना हिलाए देखें, यदि रंग तुरंत फैल जाए तो मिलावट की संभावना हो सकती है।

5. लेबल और निर्माण विवरण पढ़ें: खरीदते समय निर्माण तिथि, बैच नंबर, सामग्री सूची और पैकेजिंग की गुणवत्ता अवश्य जांचें ताकि उत्पाद की ताजगी, सुरक्षा और प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सके।

GI टैग और लाकाडोंग: प्रामाणिकता का एक उदाहरण

शुद्धता की लड़ाई केवल रसायन हटाने की नहीं है; यह विशिष्ट हल्दी किस्मों की पहचान की रक्षा करने के बारे में भी है। मेघालय की लाकाडोंग हल्दी, जो उच्च करक्यूमिन सामग्री के लिए जानी जाती है, को मार्च 2024 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला। यह प्रमाणित करता है कि केवल पूर्व और पश्चिम जैंतिया हिल्स के विशेष क्षेत्रों में उगाई गई हल्दी को ही ‘लाकाडोंग’ नाम से बेचा जा सकता है।

हालांकि, इसकी लोकप्रियता के कारण नकली उत्पाद बाजार में आ गए हैं। मेघालय सरकार को फर्जी Lakadong Haldi Powder की बिक्री के खिलाफ चेतावनी जारी करनी पड़ी है। यह दर्शाता है कि विशेष मसालों के लिए प्रीमियम कीमत चुकाते समय प्रमाणित और भरोसेमंद स्रोत से खरीदना कितना महत्वपूर्ण है।

अंतिम विचार

Haldi Powder कोई विलासिता नहीं, बल्कि दैनिक रसोई की आवश्यक वस्तु है। क्योंकि इसे नियमित रूप से कम मात्रा में खाया जाता है, इसलिए दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण आवश्यक है।

मिलावट के खिलाफ FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य असुरक्षित उत्पादों को बाजार से हटाना और उद्योग को अधिक स्वच्छ और पारदर्शी बनाना है। उपभोक्ता के रूप में आपको घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन समझदारी जरूरी है: भरोसेमंद स्रोत से खरीदें, लेबल जांचें, संदिग्ध रूप से चमकीली या असामान्य रूप से सस्ती हल्दी से बचें और इसे सही तरीके से संग्रहीत करें।

यदि अधिक लोग शुद्धता की परवाह करेंगे, तो बाजार धीरे-धीरे बदलेगा। और इसका मतलब होगा सुरक्षित भोजन, ईमानदार किसानों और प्रोसेसर के लिए उचित मूल्य, और हमारी रोजमर्रा की थाली में अधिक भरोसा।




Tags : Haldi | Haldi Powder | Turmeric | Adulteration | Tamil Nadu

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