नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि (India International Convention and Expo Centre) में 12 फरवरी से शुरू हुए डेयरी एक्सपो में देश-विदेश की बड़ी डेयरी कंपनियों की भागीदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है। एक्सपो में डेयरी प्रोडक्ट्स, पशुपालन, आधुनिक मशीनरी, फीड मैनेजमेंट और पैकेजिंग से जुड़ी नई तकनीकों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसी दौरान एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया गया कि वर्ष 2027 में भारत में इंटरनेशनल डेयरी समिट का आयोजन किया जाएगा।
यह समिट International Dairy Federation (IDF) और Indian Dairy Association (IDA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी। एक्सपो के दौरान दोनों संगठनों के बीच औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए। IDA के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत के डेयरी सेक्टर को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। इससे पहले वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश के नोएडा में इंटरनेशनल डेयरी समिट का सफल आयोजन किया गया था।
आगामी 2027 समिट में देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर की डेयरी कंपनियां, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। समिट के दौरान पशुपालन में लागत कम करने, दूध की गुणवत्ता बढ़ाने, पशु पोषण, आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण तकनीक और डेयरी उत्पादों की उन्नत पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। इसके अलावा, डिजिटल डेयरी मैनेजमेंट, सप्लाई चेन सुधार और निर्यात संभावनाओं पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाने की योजना है।
इंडिया-यूएस अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच IDA अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने डेयरी किसानों को भरोसा दिलाया कि इस समझौते से भारतीय डेयरी सेक्टर को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGS) का आयात सीमित मात्रा में होता है और इसका भारतीय पशुपालकों या दूध उत्पादकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और इंडियन डेयरी एसोसिएशन दोनों ही किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं National Dairy Development Board (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने एक्सपो को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के डेयरी किसानों की मेहनत और समर्पण ने देश को न्यूट्रिशन सिक्योरिटी के क्षेत्र में मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यह ‘न्यू इंडिया’ के आत्मनिर्भर और प्रगतिशील विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डेयरी एक्सपो में आयोजित प्रदर्शनी में अग्रणी कंपनियां एडवांस्ड मिल्क प्रोसेसिंग मशीनरी, ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम, क्वालिटी टेस्टिंग इक्विपमेंट और वैल्यू एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स प्रदर्शित कर रही हैं। इससे डेयरी उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह एक्सपो और प्रस्तावित 2027 इंटरनेशनल डेयरी समिट भारत को वैश्विक डेयरी मानचित्र पर और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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