जर्मनी के नूरेमबर्ग में 10 से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित विश्व के प्रमुख जैविक व्यापार मेले बायोफैच (BIOFACH) 2026 में भारत को ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ नामित किया गया है। यह सम्मान वैश्विक जैविक कृषि और खाद्य बाजार में भारत की बढ़ती उपस्थिति और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में उसकी सशक्त भूमिका को दर्शाता है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारत की भागीदारी का नेतृत्व कर रहा है। बायोफैच जैविक खाद्य और कृषि उत्पादों को समर्पित दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली प्रदर्शनी मानी जाती है। एपीईडीए पिछले एक दशक से अधिक समय से इस मंच पर भारत की निरंतर और प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करता रहा है।
इस वर्ष भारत की भागीदारी पिछले संस्करणों की तुलना में कहीं अधिक विस्तृत और प्रभावशाली है। लगभग 1,074 वर्ग मीटर में फैले राष्ट्रीय मंडप में 67 सह-प्रदर्शक शामिल हैं, जिनमें निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, जैविक प्रयोगशालाएं, राज्य सरकारी संस्थाएं और कमोडिटी बोर्ड शामिल हैं।
भारतीय मंडप में जैविक चावल, तिलहन, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम की प्यूरी और आवश्यक तेलों जैसे विविध उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी भारत की कृषि और क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित कर रही है। असम, मेघालय, मणिपुर, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड सहित कई राज्यों के विशिष्ट जैविक उत्पाद इस मंच पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
आगंतुकों को भारतीय जैविक उत्पादों के स्वाद और सुगंध से परिचित कराने के लिए विशेष फूड टेस्टिंग सत्र भी आयोजित किए गए हैं। प्रीमियम जैविक बासमती चावल और मसालों से तैयार ताजा बिरयानी के नमूने के साथ पांच जीआई-टैग युक्त पारंपरिक चावल किस्में—इंद्रायणी, नवारा, गोविंदभोग, लाल चावल और चक हाओ (काला चावल)—भी प्रस्तुत की जा रही हैं।
एपीईडीए ने ‘कंट्री ऑफ द ईयर’ के रूप में भारत की पहचान को रेखांकित करने के लिए नूरेमबर्ग मेस्से प्रदर्शनी केंद्र में व्यापक ब्रांडिंग और प्रचार गतिविधियां आयोजित की हैं। यह पहल वैश्विक बाजार में भारतीय जैविक उत्पादों की दृश्यता और स्वीकार्यता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विश्व स्तर पर सतत विकास और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली की बढ़ती मांग के बीच, भारत की यह भागीदारी जैविक कृषि में उसकी अग्रणी भूमिका को पुष्ट करती है। भारत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले और टिकाऊ ढंग से उत्पादित जैविक खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
एपीईडीए निर्यातकों, एफपीओ और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय कर भारतीय जैविक निर्यात को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। बायोफैच 2026 में भारत की प्रमुख उपस्थिति वैश्विक जैविक बाजार में उसकी बढ़ती साख और संभावनाओं का स्पष्ट संकेत है।