मध्य प्रदेश के सीहोर में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता भारतीय किसानों के हित में है और इससे देश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समझौते के तहत सभी प्रमुख फसलों और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि भारतीय किसानों को अमेरिका जैसे बड़े और समृद्ध बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय बासमती चावल का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में बासमती अमेरिकी बाजारों और घरों में अपनी खास खुशबू और गुणवत्ता के कारण अलग पहचान बनाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस समझौते में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। एक ओर जहां घरेलू कृषि और डेयरी क्षेत्र को किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धात्मक चोट से बचाया गया है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए निर्यात के नए रास्ते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि बासमती के साथ-साथ भारतीय मसालों की भी अमेरिका में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे किसानों की आय में इजाफा होगा।
उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने हाल ही में पारस्परिक और संतुलित व्यापार को लेकर एक अंतरिम समझौते का ढांचा घोषित किया है। इस ढांचे के तहत दोनों देश व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ेंगे, जिससे बाजार पहुंच, आपूर्ति श्रृंखला और व्यापारिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी दोहराया है कि इस व्यापार समझौते में डेयरी, फल-सब्जियां, मसाले और अन्य प्रमुख अनाजों को सुरक्षित रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों के हितों से कोई समझौता न हो। सरकार का मानना है कि यह संतुलित नीति किसानों की सुरक्षा के साथ-साथ भारत को वैश्विक कृषि निर्यात के क्षेत्र में मजबूत बनाएगी।
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए नए अवसरों और भरोसे का संदेश देता है। इससे जहां किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है, वहीं देश की कृषि पहचान को भी वैश्विक स्तर पर नई मजबूती मिलने की संभावना है।