पंजाब सरकार द्वारा बासमती धान पर 11 कीटनाशकों के उपयोग पर लगाए गए 60 दिनों के प्रतिबंध को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्थगित कर दिया है। यह फैसला कीटनाशक निर्माता संगठन क्रॉप लाइफ इंडिया की याचिका पर आया है, जिसने सरकार के इस आदेश को चुनौती दी थी।
सरकार ने जिन 11 कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाया था, उनमें शामिल हैं:
एसेफेट
बुप्रोफेजिन
क्लोरपाइरीफोस
प्रोपिकोनाज़ोल
थियामेथोक्सम
प्रोफेनोफोस
इमिडाक्लोप्रिड
कार्बेन्डाजिम
ट्राइसाइक्लाजोल
टेबूकोनाजोल
कार्बोफ्यूरॉन
पंजाब सरकार ने यह प्रतिबंध बासमती चावल में कीटनाशक अवशेषों (MRL) के अंतरराष्ट्रीय मानकों से अधिक पाए जाने के कारण लगाया था। सरकार का दावा था कि यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे बाजारों में इन अवशेषों के कारण भारतीय बासमती के निर्यात को खतरा हो रहा है।
पंजाब राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने भी सरकार से इन कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, क्योंकि उनके परीक्षणों में भी कई नमूनों में MRL सीमा से अधिक अवशेष पाए गए थे।
पंजाब बासमती एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा। एसोसिएशन अब इस स्टे के खिलाफ हाईकोर्ट में हस्तक्षेप करने की तैयारी कर रही है।
यह मामला अब पंजाब सरकार के लिए एक जटिल स्थिति पैदा कर दिया है, जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बासमती की गुणवत्ता बनाए रखने का दबाव है, तो दूसरी ओर घरेलू कीटनाशक उद्योग का विरोध। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने पहले ही इन प्रतिबंधित कीटनाशकों के वैकल्पिक सुरक्षित विकल्प सुझाए हैं, जिनका किसान उपयोग कर सकते हैं।
"क्रॉपलाइफ इंडिया पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करती है।
हम मानते हैं कि बासमती चावल निर्यात की चुनौतियों का समाधान दीर्घकालिक, टिकाऊ और विज्ञान-आधारित उपायों से ही संभव है।
2008-09 से लागू ग्रेपनेट प्रणाली ने निर्यात अस्वीकृति को शून्य तक पहुंचाकर एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है।
इसी से प्रेरित होकर, हम 2020 से पंजाब में बासमती अनुसंधान केंद्र की स्थापना की वकालत कर रहे हैं।
16 अप्रैल 2025 को पंजाब सरकार द्वारा आयोजित कार्यशाला 'फील्ड टू फोर्क: व्यापक ट्रेसबिलिटी के माध्यम से बासमती शुद्धता सुनिश्चित करना' इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।
हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि बासमती.नेट प्रणाली के निर्माण में सहयोग दें, जिससे पंजाब की वैश्विक बासमती बाजार में मजबूत स्थिति सुनिश्चित हो।"