केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों को राहत देते हुए सांबा, थालाडी और पिसानम धान फसलों के लिए बीमा पंजीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 कर दिया है। यह जानकारी राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने रविवार (16 नवंबर) को दी।
मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था, क्योंकि बड़ी संख्या में किसानों ने अपने प्रतिनिधित्व में बताया था कि हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण उनकी खेती प्रभावित हुई है। इसके साथ ही, राजस्व और अन्य विभागीय अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कार्यों में व्यस्त होने के कारण बीमा पंजीकरण प्रक्रिया गति नहीं पकड़ सकी थी।
केंद्र के इस फैसले के बाद राज्य के किसान अब 30 नवंबर तक बीमा योजना के तहत अपना पंजीकरण करा सकेंगे। मंत्री पन्नीरसेल्वम ने अरियालूर, चेंगलपट्टू, कुड्डालूर, धर्मपुरी, इरोड, कल्लाकुरिची, कांचीपुरम, करूर, मदुरै, मयिलादुथुरै, नागपट्टिनम, पेरम्बलूर, पुडुकोट्टई, रामनाथपुरम, रानीपेट, सलेम, शिवगंगा, तंजावुर, थेनी, तिरुची, तिरुपत्तूर, तिरुप्पूर, तिरुवल्लूर, तिरुवन्नामलाई, तिरुवरुर, वेल्लोर और विलुप्पुरम जिलों के किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण पूरा करने की अपील की है।
बारिश से प्रभावित किसानों को यह विस्तार एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बीमा पंजीकरण से उन्हें संभावित फसल क्षति का वित्तीय सुरक्षा कवच मिल सकेगा।