×

Orange Farming पर किसानों को मिला दो दिन का व्यावहारिक प्रशिक्षण

06 Feb, 2026 03:46 PM

Orange Farming पर किसानों को मिला दो दिन का व्यावहारिक प्रशिक्षण, जिसमें बाग प्रबंधन, कटाई-छंटाई, पोषण, सिंचाई और रोग नियंत्रण की वास्तविक तकनीकों को खेत पर ही समझाया गया।

FasalKranti
Taniyaa Ahlawat, समाचार, [06 Feb, 2026 03:46 PM]
35

Orange Farming आज उन बागवानी फसलों में शामिल है जिनसे किसान लंबे समय तक स्थिर और भरोसेमंद आय बना सकते हैं और जिसे Commercial Orange Cultivation के रूप में भी देखा जा रहा है। बढ़ती उपभोक्ता मांग, बेहतर बाजार कीमत और बागवानी आधारित खेती की ओर बढ़ते रुझान के कारण इस क्षेत्र में Orange Farming किसानों के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरी है। इसी आवश्यकता को समझते हुए हाल ही में स्थानीय किसानों को Orange Farming पर दो दिन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें Orange Orchard Farming से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, फसल प्रबंधन और बाजार से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

Orange Farming प्रशिक्षण का उद्देश्य

इस Orange Farming प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतरा खेती की वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी देना था, ताकि वे केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि गुणवत्ता सुधार और आय की स्थिरता पर भी फोकस कर सकें। क्षेत्रीय स्तर पर कई किसान अब भी पारंपरिक तरीकों से Orange Farming कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है लेकिन उत्पादन और बाजार भाव अपेक्षा के अनुसार नहीं मिल पाते। प्रशिक्षण के दौरान इन समस्याओं को समझाया गया और उनके व्यावहारिक समाधान किसानों के साथ साझा किए गए।

Orange Farming में सही शुरुआत क्यों जरूरी है

संतरा एक दीर्घकालीन बागवानी फसल है, जिसमें एक बार बाग लगाने के बाद कई वर्षों तक उसी पर निर्भर रहना होता है। इसलिए Orange Farming या Orange Orchard Farming में मिट्टी का चयन, पानी की उपलब्धता, किस्मों का चुनाव और पौधों की दूरी जैसी शुरुआती गलतियां लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती हैं। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सही योजना, वैज्ञानिक शुरुआत और Orange Cultivation Practices की स्पष्ट समझ ही सफल Orange Farming की सबसे मजबूत नींव होती है, खासकर स्थानीय जलवायु और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए।

Orange Farming प्रशिक्षण का पहला दिन

Orange Farming प्रशिक्षण के पहले दिन का फोकस बाग लगाने की सही योजना और तकनीकी तैयारी पर रहा। किसानों को बताया गया कि Orange Farming में भूमि चयन करते समय मिट्टी परीक्षण और जल निकास व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही उन्नत किस्मों के चयन, पौधों की उपयुक्त दूरी, गड्ढों की सही तैयारी और रोपण के सही समय पर विस्तार से जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि Orange Farming में शुरुआती दो से तीन वर्ष बाग के भविष्य को तय करते हैं। इस अवधि में संतुलित पोषण प्रबंधन, समय पर सिंचाई और पौधों की सही ट्रेनिंग व प्रूनिंग से आगे चलकर बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता सुनिश्चित होती है।

Orange Farming प्रशिक्षण का दूसरा दिन: व्यावहारिक सत्र

Orange Farming प्रशिक्षण के दूसरे दिन का सत्र पूरी तरह फील्ड आधारित और प्रैक्टिकल रहा। किसानों को सीधे खेत में संतरे के पौधों का निरीक्षण कर Orange Farming में पोषण प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई के सही उपयोग और पानी की बचत के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई, जो Citrus Orchard Management का अहम हिस्सा माने जाते हैं।

इसके साथ ही कीट एवं रोग प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें समय पर पहचान, सही दवा और उचित मात्रा के महत्व को समझाया गया। इससे किसानों को फसल नुकसान के साथ-साथ अनावश्यक खर्च से बचने की स्पष्ट समझ मिली।

Orange Farming में फूल से फल तक उत्पादन प्रबंधन

Orange Farming में फूल आने से लेकर फल सेटिंग और फल विकास तक की सभी अवस्थाओं को प्रशिक्षण के दौरान सरल और व्यावहारिक भाषा में समझाया गया। किसानों को बताया गया कि हर अवस्था में पोषक तत्वों की भूमिका अलग होती है और किसी भी स्तर पर पोषण की कमी सीधे फल के आकार, गुणवत्ता और कुल उत्पादन को प्रभावित करती है। इस जानकारी से स्थानीय किसान Orange Farming को अधिक सटीक और योजनाबद्ध तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे।

Orange Farming में कटाई, भंडारण और बाजार की समझ

Orange Farming में मुनाफा केवल खेत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कटाई के बाद लिए गए फैसले भी आय तय करते हैं। प्रशिक्षण में Orange Farming के लिए सही समय पर कटाई, फलों की ग्रेडिंग और प्राथमिक भंडारण के महत्व पर जोर दिया गया। किसानों को बताया गया कि अच्छी गुणवत्ता और सही ग्रेडिंग वाले संतरे बाजार में हमेशा बेहतर दाम प्राप्त करते हैं।

इसके साथ ही स्थानीय मंडी, थोक खरीदार और सीधे बिक्री जैसे विकल्पों पर भी चर्चा की गई, ताकि Orange Farming करने वाले किसान केवल एक बाजार पर निर्भर न रहें और अपनी उपज को सही समय पर सही स्थान पर बेच सकें।

Orange Farming के लिए किसानों का प्रशिक्षण क्यों जरूरी है

आज की खेती केवल मेहनत पर आधारित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक योजना और जानकारी आधारित व्यवसाय बन चुकी है। Orange Farming जैसे बागवानी मॉडल में गलत शुरुआत या जानकारी की कमी कई वर्षों तक नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में यह दो दिन का Orange Farming प्रशिक्षण किसानों को सही दिशा दिखाने और आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने में मदद करता है।

प्रशिक्षण से किसानों को यह समझ में आया कि सीमित भूमि में भी यदि सही तकनीक, संतुलित इनपुट और बाजार की समझ के साथ Orange Farming की जाए, तो संतरा खेती से स्थिर और सम्मानजनक आय संभव है।

निष्कर्ष:

Orange Farming पर मिला यह दो दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण किसानों के लिए सीख और मार्गदर्शन का एक मजबूत मंच साबित हुआ। सही पौध चयन, संतुलित पोषण, पानी का समझदारी से उपयोग और बाजार से जुड़ी जानकारी Orange Farming को अधिक लाभकारी बनाती है। यदि किसान इस प्रशिक्षण में बताई गई तकनीकों को अपनाते हैं, तो Orange Farming केवल एक फसल नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद और दीर्घकालीन कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित हो सकती है।

FAQs: Orange Farming प्रशिक्षण

Q1.Orange Farming पर दो दिन का प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?

Orange Farming एक दीर्घकालीन बागवानी फसल है। सही शुरुआत, पोषण प्रबंधन और बाजार की समझ के बिना नुकसान का जोखिम बढ़ जाता है। दो दिन का प्रशिक्षण किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक जानकारी देता है।

Q2.Orange Farming प्रशिक्षण में किसानों को क्या सिखाया गया?

प्रशिक्षण में बाग स्थापना, मिट्टी परीक्षण, ड्रिप सिंचाई, पोषण प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण, कटाई और बाजार से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई।

Q3.Orange Farming प्रशिक्षण का पहला दिन किस पर केंद्रित रहा?

पहले दिन बाग लगाने की योजना, किस्मों का चयन, पौधों की दूरी, गड्ढे की तैयारी और शुरुआती प्रबंधन पर फोकस किया गया।

Q4.दूसरे दिन का Orange Farming प्रशिक्षण क्यों खास था?

दूसरा दिन पूरी तरह फील्ड आधारित रहा। किसानों को Citrus Orchard Management, ड्रिप सिंचाई और कीट-रोग पहचान के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

Q5.क्या छोटे किसान भी Orange Farming से लाभ कमा सकते हैं?

हाँ। सही तकनीक, संतुलित इनपुट और बाजार की समझ के साथ सीमित भूमि पर भी Orange Farming से स्थिर और सम्मानजनक आय संभव है।




Tags : Orange Farming | Orange | Agriculture

Related News

‘वल्लभ नव्या तुलसी-1’ : अधिक तेल, अधिक मूल्य और टिकाऊ खेती की नई दिशा

अयोध्या के केवीके में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का दौरा, प्रगतिशील किसानों से संवाद कर आधुनिक तकनीक अपनाने का दिया संदेश

Gehu Ki Kheti: वैज्ञानिक प्रबंधन से मजबूत मुनाफा

Aprajita Flower की खेती: कम लागत में अधिक संभावनाओं वाली फसल

Dhan Ki Kheti: 2026 में बेहतर उपज और बढ़िया कमाई

Himachal Pradesh High Court की Chaudhary Sarwan Kumar Himachal Pradesh Krishi Vishvavidyalaya को चेतावनी, दो सप्ताह में आदेश लागू करने के निर्देश

भीषण गर्मी में ड्रैगन फ्रूट की फसल को बचाने का स्मार्ट समाधान, ICAR–Indian Institute of Horticultural Research की नई तकनीक से किसानों को राहत

5,000 करोड़ के ‘धान घोटाले’ पर हरियाणा विधानसभा में घमासान, CM नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को दी खुली चुनौती

Mahindra & Mahindra Limited ने लॉन्च की दमदार रोटावेटर सीरीज, अब खेतों में दिखेगा ताकत और टेक्नोलॉजी का नया संगम

यूरिया पर युद्ध!” बागपत में खाद की किल्लत से मचा हंगामा, सहकारी समिति बनी जंग का मैदान

ताज़ा ख़बरें

1

Mahindra & Mahindra Limited ने लॉन्च की दमदार रोटावेटर सीरीज, अब खेतों में दिखेगा ताकत और टेक्नोलॉजी का नया संगम

2

यूरिया पर युद्ध!” बागपत में खाद की किल्लत से मचा हंगामा, सहकारी समिति बनी जंग का मैदान

3

महारानी लक्ष्मीबाई MH4’ ने बदली खेती की तस्वीर: चने की नई सुपर किस्म RLB-MH4 की कहानी

4

Sarso ki Kheti: 2026 में किसानों के लिए स्मार्ट और लाभकारी विकल्प

5

उद्यान फसलों में कटाई उपरांत प्रबंधन, मूल्य संवर्धन एवं मशीनीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय

6

मृदा स्वास्थ्य पुनर्जीवन एवं जलवायु परिवर्तन शमन विषय पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सम्पन्न

7

Indian Council of Agricultural Research के महानिदेशक का ICAR–Central Agroforestry Research Institute, झांसी दौरा

8

Custard Apple का जादू दिल और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद

9

एनआईडीएचआई-टीबीआई ने ब्रूड विनेगर और कोम्बुचा चाय उत्पादन पर कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया

10

1एकड़ में सुनहरा भविष्य: संतरा खेती से ₹7 लाख की कमाई


ताज़ा ख़बरें

1

Mahindra & Mahindra Limited ने लॉन्च की दमदार रोटावेटर सीरीज, अब खेतों में दिखेगा ताकत और टेक्नोलॉजी का नया संगम

2

यूरिया पर युद्ध!” बागपत में खाद की किल्लत से मचा हंगामा, सहकारी समिति बनी जंग का मैदान

3

महारानी लक्ष्मीबाई MH4’ ने बदली खेती की तस्वीर: चने की नई सुपर किस्म RLB-MH4 की कहानी

4

Sarso ki Kheti: 2026 में किसानों के लिए स्मार्ट और लाभकारी विकल्प

5

उद्यान फसलों में कटाई उपरांत प्रबंधन, मूल्य संवर्धन एवं मशीनीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय

6

मृदा स्वास्थ्य पुनर्जीवन एवं जलवायु परिवर्तन शमन विषय पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सम्पन्न

7

Indian Council of Agricultural Research के महानिदेशक का ICAR–Central Agroforestry Research Institute, झांसी दौरा

8

Custard Apple का जादू दिल और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद

9

एनआईडीएचआई-टीबीआई ने ब्रूड विनेगर और कोम्बुचा चाय उत्पादन पर कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया

10

1एकड़ में सुनहरा भविष्य: संतरा खेती से ₹7 लाख की कमाई