मक्का उत्पादक किसानों के लिए एक बार फिर खतरे की घंटी बज गई है। Indian Institute of Maize Research के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda) नामक खतरनाक कीट मक्के की फसल को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है। कृषि वैज्ञानिक Dr Subi ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते इस कीट की पहचान कर उचित नियंत्रण उपाय अपनाएं, अन्यथा भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
डॉ. सुबी के अनुसार, फॉल आर्मीवर्म एक विदेशी और बहु-भक्षी कीट है, जिसकी इल्ली (लार्वा) मक्के की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती है। यह कीट पत्तियों को काटकर उनमें छेद कर देता है, साथ ही पौधे के बीच वाले हिस्से (व्हॉर्ल), तने और भुट्टे को भी अंदर से नुकसान पहुंचाता है। इससे फसल की बढ़वार रुक जाती है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। वर्ष 2023 में भी इस कीट ने कई क्षेत्रों में मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिससे किसानों को आर्थिक झटका लगा था।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस कीट से बचाव के लिए सबसे जरूरी है नियमित निगरानी। किसानों को हर 2-3 दिन में अपने खेत का निरीक्षण करना चाहिए और पत्तियों तथा पौधों के बीच वाले हिस्से को ध्यान से देखना चाहिए। यदि शुरुआती अवस्था में ही कीट की पहचान हो जाए तो इसे नियंत्रित करना आसान हो जाता है।
इसके अलावा, खेतों में फेरोमोन ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है, जिससे कीटों की उपस्थिति का समय रहते पता चल सके और उनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सके। जैविक उपायों के तहत नीम आधारित कीटनाशकों का उपयोग भी काफी प्रभावी माना गया है। यह न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, बल्कि कीट नियंत्रण में भी मदद करता है।
यदि कीट का प्रकोप अधिक हो जाए, तो किसानों को कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करना चाहिए। बिना सलाह के दवाओं का उपयोग न केवल महंगा पड़ सकता है, बल्कि फसल और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फॉल आर्मीवर्म से बचाव का सबसे कारगर तरीका समय पर पहचान और शुरुआती नियंत्रण है। यदि किसान सतर्क रहें और वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए उपायों का पालन करें, तो इस खतरनाक कीट से अपनी फसल को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
कुल मिलाकर, मक्का किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे लापरवाही न बरतें और नियमित रूप से अपनी फसल की निगरानी करें। सही समय पर उठाए गए छोटे-छोटे कदम उन्हें बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।