प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को देश के सात राज्यों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली में कुल 26 परिसरों पर की गई।
ईडी के पणजी ज़ोनल कार्यालय द्वारा संचालित इस अभियान का संबंध मधुपन सुरेश शशिकला से है। यह मामला अवैध अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और अपराध से प्राप्त धन को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) की जटिल प्रक्रिया से जुड़ा है।
एजेंसी के अनुसार, यह तलाशी गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें व्यावसायिक मात्रा में ड्रग्स की तस्करी का आरोप है।
इस बड़े ऑपरेशन से एक सुसंगठित अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जांच में पता चला है कि यह गिरोह गोवा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा और केरल जैसे राज्यों में व्यापारिक स्तर पर मादक पदार्थों का वितरण कर रहा था।
छापे के दौरान ईडी ने चरस सहित विभिन्न मादक पदार्थ, बड़ी मात्रा में नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। जब्त किए गए साक्ष्यों के विश्लेषण से एमडीएमए, एक्स्टसी, हशीश, कुश, मशरूम, कोकीन जैसे पदार्थों की देश के भीतर बड़े पैमाने पर आपूर्ति के संकेत मिले हैं।
ईडी ने बताया कि जांच से ड्रग्स आपूर्ति श्रृंखला में कई सहयोगियों और सुविधादाताओं की सक्रिय भूमिका तथा अवैध आय की मनी लॉन्ड्रिंग का भी खुलासा हुआ है। एजेंसी ने यह भी कहा कि प्रासंगिक जानकारी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की जा रही है ताकि कानून के अनुसार संयुक्त कार्रवाई की जा सके।
ईडी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह संगठित ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और अपराधिक आय को वैध बनाने वाले वित्तीय चैनलों को अवरुद्ध करने के प्रति प्रतिबद्ध है। यह केस देशव्यापी ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट पर कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।