किसानों को नकली और घटिया बीज, उर्वरक और कीटनाशकों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 7 जनवरी 2026 को डाक विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य कृषि इनपुट्स के नमूनों के परिवहन और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए एक मानकीकृत, पारदर्शी और पूरी तरह से ट्रेस करने योग्य लॉजिस्टिक तंत्र स्थापित करना है।
इस एमओयू के तहत संग्रह केंद्रों से चिन्हित प्रयोगशालाओं तक बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के नमूनों की सुरक्षित, समयबद्ध और छेड़छाड़-रहित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया में एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी, जिससे नमूनों की स्थिति हर चरण पर निगरानी में रहेगी।
नई व्यवस्था के माध्यम से राज्य स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े लक्ष्यों का निर्धारण, नमूनों का संग्रहण और प्रेषण, प्रयोगशाला परीक्षण, परीक्षण रिपोर्टों का निर्माण और आवश्यकता पड़ने पर अभियोजन की कार्रवाई तक की पूरी प्रक्रिया का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इससे कृषि-इनपुट गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
सरकार के अनुसार, यदि जांच के दौरान किसी उत्पाद में मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित वस्तु पर लागू अधिनियमों के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह पहल प्रवर्तन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ नकली और निम्न गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट के प्रचलन पर प्रभावी रोक लगाएगी। इससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध होंगे, जिससे फसल उत्पादकता में सुधार होगा और किसानों के आर्थिक हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल किसानों के भरोसे को मजबूत करने और कृषि व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।