Big trouble in guava gardens! Yogi government immediately took cognizance
अमरूद के बागों में आई बड़ी आफत! योगी सरकार ने तुरंत लिया संज्ञान
16 Sep, 2024 02:58 PM
निमेटोड संक्रमण से अमरूद के बागानों पर उत्पन्न संकट को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान की ओर से पिछले दिनों मुख्य सचिव के जरिए योगी सरकार को अवगत कराया जा चुका है.
FasalKranti
Fiza, समाचार, [16 Sep, 2024 02:58 PM]
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अपने पोषक गुणों और वाजिब दाम में मिलने के चलते अमरूद (Guava cultivation) को गरीबों का सेब कहा जाता है. पर, गरीबों के इस सेब के वजूद पर निमेटोड के संक्रमण (Nematode infection) का खतरा है. थाई पिंक और ताइवान पिंक जैसी विदेशी प्रजातियों के साथ ही यह संक्रमण भी आया. यह इतना तेजी से फैलता है कि वर्तमान में अमरूद के करीब आधे बागान इसकी चपेट में आ चुके हैं. निमेटोड संक्रमण से अमरूद के बागानों पर उत्पन्न संकट को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान की ओर से पिछले दिनों मुख्य सचिव के जरिए योगी सरकार को अवगत कराया जा चुका है. उम्मीद है कि बागवानों के हित से जुड़े इस मामले में सरकार जल्द ही कोई एक्शन लेगी.
अमरूद के लिए गंभीर संकट है निमेटोड संक्रमण- CISH भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) से संबद्ध केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) के वैज्ञानिकों द्वारा पिछले पांच वर्षों में किए गए सर्वेक्षण में भी इस संक्रमण के खतरे का जिक्र है. संस्थान के निदेशक डॉ. टी दामोदरन ने इस संक्रमण को अमरूद की फसल के लिए बड़ा संकट बताया है.
संक्रमण के कारण फलों की उपज और गुणवत्ता पर असर निमेटोड के संक्रमण से अमरूद के बागवानों को कई तरह से नुकसान होता है. मसलन संक्रमण के कारण फलों की गुणवत्ता और उपज प्रभावित होती है. साथ ही नियमित अंतराल पर संक्रमण के प्रबंधन के लिए किए जाने वाले खर्च से उत्पादन की लागत बढ़ जाती है.
संक्रमण का प्रबंधन मुश्किल बागों से निमेटोड संक्रमण को खत्म करना संभव नहीं. सिर्फ इसका प्रबंधन ही एक हद तक संभव है. वह भी मुश्किल से. इसमें फ्लोपायरम का प्रयोग अपेक्षाकृत असरदार पाया गया लेकिन यह महंगा है. साथ ही इसका असर भी मात्र छह माह तक ही रहता है.