आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है। उन्होंने यह मांग आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की अनुसूची-13 में किए गए वादे के अनुरूप की है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपे गए एक ज्ञापन में राज्य में नारियल पार्क, एक्वा लैब और मैंगो बोर्ड की स्थापना की भी मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास तथा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया।
राज्य सरकार ने केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 2,585 करोड़ रुपये की लागत से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है, जिसे कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण के लिए अमरावती पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने उंडावल्ली स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री नायडू से मुलाकात कर कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि आंध्र प्रदेश ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 10.70 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार जल सुरक्षा, मांग-आधारित फसलों, एग्रीटेक और खाद्य प्रसंस्करण को प्राथमिकता दे रही है।
अपने ज्ञापन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और पर ड्रॉप मोर क्रॉप (PDMC) योजनाओं के तहत माइक्रो सिंचाई के विस्तार के लिए 695 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इसके अलावा, उन्होंने केले के किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए परिवहन सब्सिडी प्रदान करने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने राज्य में नारियल आधारित उद्योगों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता तथा VB-G RAM G अधिनियम के तहत रेशम कीट पालन शेड स्थापित करने के लिए भी वित्तीय सहयोग की मांग की।