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फ़ौज से रिटायर होकर शुरू किया सूअर पालन, बने सफल पशुपालक

जब मनुष्य सच्चे और पक्के मन से कुछ बड़ा करने का मन बना लेता है| तो उसको सफलता अवश्य मिलती है| फिर चाहे उसके सामने कितनी भी मुश्किलें आए| 

fasalkranti.in
कामयाब किसान, 02 Sep, 2021
जब मनुष्य सच्चे और पक्के मन से कुछ बड़ा करने का मन बना लेता है| तो उसको सफलता अवश्य मिलती है| फिर चाहे उसके सामने कितनी भी मुश्किलें आए| आज के समय में युवा खेती में इन बातों को सही साबित कर रहे हैं| हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक युवा किसान अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत पशुपालन की शुरुआत करके अपनी एक अलग पहचान बनाई है| हम बात कर रहे है मेरठ के युवा किसान विक्रांत कुमार की जिन्होंने फ़ौज से रिटायर होकर सूअर करना शुरू किया और अब एक अच्छी बचत कर रहे हैं| विक्रांत ने फसल क्रांति को बताया कि वे मूल रूप से सहारनपुर के गुनारसा गाँव के रहने वाले हैं| 12वीं पास करने के बाद विक्रांत फ़ौज में भर्ती हो गए| फ़ौज में 17 साल नौकरी करने के बाद विक्रांत अपने परिवार के साथ मेरठ में आ गए और यहाँ पर बिजली विभाग में नौकरी करने लगे|
वे बताते हैं कि नौकरी के दौरान ही उनको कुछ अलग व्यवसाय करने का  ख्याल आया तो उन्होंने रिसर्च करना शुरू किया तो उनको सूअर पालन करने का मन बनाया| चूँकि विक्रांत को इसमें पहले कोई अनुभव नहीं था इसलिए विक्रांत ने बरेली स्थित भारतीय पशु अनुसन्धान संसथान से सूअर  पालन का प्रशिक्षण लिया| वहां से 10 दिन का सूअर पालन प्रशिक्षण लेने के बाद अपने घर वालो के साथ बात की| घर से विक्रांत को पूरा सहयोग मिला| फिर उन्होंने सूअर पालन के लिए गाँव के बाहर मेरठ में ही ज़मीन खरीदी|और सूअर पालन शुरू किया| विक्रांत बताते हैं कि शुरुआत में पंजाब से उन्होंने सूअर के 30 बच्चे ख़रीदे जिसमें 12 मादा और 18 नर थे| इन्ही से शुरुआत करके विक्रांत ने ज्यादा रिस्क भी नहीं लिया| उन्होंने छोटे फार्म के साथ शुरुआत की| इन्ही से बढ़ोतरी करते हुए अब विक्रांत एक बड़ा सूअर पालन फार्म बना चुके हैं| मौजूदा समय में विक्रांत के 130 सूअर के बच्चे हैं|
विक्रांत बताते हैं कि पंजाब से लाए गए 30 में से 18 नर बच्चो को बेचकर उन्होंने और अधिक सूअर बच्चे ख़रीदे और प्रोडक्शन बढ़ा दिया| जिसके चलते अब उनके पास 130 सूअर है| विक्रांत बताते है कि अब वे पूरी ब्रीडिंग अपने फार्म में ही कराते हैं| मौजूदा समय  में विक्रांत ने 100 फीट लम्बा और 30 फीट चौड़ा सूअर पालन शेड बना रखा है | वो कहते है कि सभी जानवरों की वैक्सीनेशन और इलाज खुद ही कर लेते है जिससे उनमे किसी भी तरीके की बीमारी का कोई जोखिम नही रहता है| विक्रांत बताते है कि एक मादा सूअर एक बार में 10 से 11 बच्चे देती है| यह बच्चे 6 से 8 माह में तैयार हो जाते हैं| युवाओं के लिए विक्रांत कहते हैं कि नौकरी से ज्यादा इन्सान अपने व्यवसाय में कमा लेता है| इसलिए युवाओं को इस तरह के व्यवसाय में आगे आना चाहिए|  
मार्केटिंग में नही है कोई समस्या :
विक्रांत कहते हैं कि सूअर पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें मार्केटिंग की कोई समस्या नही आती है| वो कहते हैं कि सूअर खरीदने वाले व्यापारी स्वंयं उनकी फार्म पर आते हैं और वही से खरीदकर ले जाते हैं| विक्रांत  अपने फार्म से ही सूअरों को बेच देते हैं| इसलिए उनको मार्केटिंग की कोई समस्या नही होती है|  
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