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जैविक मशरूम की खेती कर परिवार का सहारा बनी कश्मीर की मशरूम गर्ल

मौजूदा समय में युवा खेती को अपने करियर के  रूप में चुन रहे हैं| बहुत से ऐसे युवा आज उदहारण है जो पढाई करते करते या फिर अच्छी नौकरी छोड़कर खेती को अपना चुके है| खासकर जैविक खेती को ऐसे युवा काफी बढ़ावा दे रहे हैं| 

fasalkranti.in
कामयाब किसान, 26 Aug, 2021
मौजूदा समय में युवा खेती को अपने करियर के  रूप में चुन रहे हैं| बहुत से ऐसे युवा आज उदहारण है जो पढाई करते करते या फिर अच्छी नौकरी छोड़कर खेती को अपना चुके है| खासकर जैविक खेती को ऐसे युवा काफी बढ़ावा दे रहे हैं| कश्मीर की एक ऐसी ही युवा लड़की है नीलोफ़र जिन्होंने अपनी पढाई को जारी रखने के लिए और अपने परिवार सहारा देने के लिए मशरूम की खेती की शुरुआत की| कश्मीर के पुलवामा में स्थित एक छोटे से गाँव गंगू की रहने वाली नीलोफर अपनी पढाई और घर का पूरा खर्च उठा रही है| निलोफर कहती हैं कि उन्होंने स्थानीय कृषि केंद्र पर 1 सप्ताह का मशरूम उगाने का प्रशिक्षण लिया उसके बाद उन्होंने अपने घर पर ही मशरूम की खेती की शुरुआत की|
इससे उनको तीन माह में करीब करीब 500 किलो मशरूम मिल गई| जिसको उन्होंने बाजार में बेच दिया| निलोफर ने पहली बार में मशरूम बेचकर 70,000 रुपए कमाए| कश्मीर के छोटे से गाँव की यह मशरूम गर्ल अब अच्छी कमाई का रही हैं| इसी कमाई से वें अपने परिवार और पढाई का खर्च भी निकाल रही है| हालांकि कोरोना के चलते बीच में लॉकडाउन भी लगा लेकिन निलोफर के काम पर  इसका कोई असर  नही पड़ा और उन्होंने अपना काम जारी रखा|        
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