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धनंजय ने पॉली हाउस में खेती कर बनाई पहचान

बिहार में किसान आमदनी को दोगुनी करने के लिए बडे पैमाने पर पॉली हाउस बनाकर खेती कर रहे हैं।

fasalkranti.in
कामयाब किसान, 27 Aug, 2021
बिहार में किसान आमदनी को दोगुनी करने के लिए बडे पैमाने पर पॉली हाउस बनाकर खेती कर रहे हैं। ऐसे ही एक किसान  रोहतास जिले के नोखा प्रखंड के तरा गांव निवासी धनंजय कुमार सिंह उर्फ धनजी सिंह पॉली हाउस में शिमला मिर्च, पालक, धनिया पत्ता व ब्रोकली आदि की खेती कर रहे हैं। लगभग एक हजार वर्गमीटर में बने पॉली हाउस में 25 हजार की लागत से वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर लगभग लाखों की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं । धनंजय सिंह ने कृषि में नये सोच के साथ सरकार द्वारा अनुदानित एक हजार वर्गमीटर में एक पॉली हाउस का निर्माण किया है। जिसमें दस लाख रुपये की लागत आई। 90 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में सरकार ने दिया है।    
धनजी सिंह ने कहा कि शिमला मिर्च, जो अभी 80 रुपये किलो बाजार में मिल रही है। इसकी खेती से काफी मुनाफा मिलता है। शिमला मिर्च के पौधे में तीन माह में फल लगने शुरू हो जाते हैं। पांच से छह माह में शिमला मिर्च बेच कर लाखों कमाया जा सकता है। इसके अलावा धनजी सिंह अपने पॉली हाउस में टमाटर, पालक, धनिया पत्ता व ब्रोकली उगाते है। बाजार में ब्रोकली का अच्छा मूल्य मिल जाता है, क्योंकि इस काफी उत्पाद बनाए जाते है। यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।  धनजी सिंह इसके अलावा गुलदस्ता का फूल की भी खेती करते हैं, जो प्रति पीस दो से पांच रु पये में बिकता है। धनजी सिंह ने पहले वैज्ञानिकों की देखरेख में खेती की और अब वह जिले के पांच सदस्यीय प्रशिक्षण टीम में शामिल है। यह टीम किसानों को बेहतर खेती के टिप्स देती है। टीम में दिलीप कुमार, विजय बहादुर सिंह व जय प्रकाश सिंह भी शामिल हैं।
धनंजय सिंह उर्फ धनजी सिंह को बेहतर खेती के लिए बिहार सरकार द्वारा पांच बार सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही, किसानों को उन्नत खेती का प्रशिक्षण देने के लिए भी धनजी सिंह सम्मानित हो चुके हैं। धनजी सिंह ने बताया कि आज कल खेती का उन्नत तरीका है श्री विधि। वह श्री विधि से ही लहसुन,प्याज, गेहूं व अन्य फसलों की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक से खेती करने से खाद व पटवन के पानी का भी दुरु पयोग नहीं होता है। ग्रीन हाउस (हरित गृह) में कार्बन का अवशोषन होने के कारण पौधे की अच्छी वृद्धि होती और फल भी अधिक लगता है। इसमें तापमान को नियंत्रित करने के कई उपकरण लगाये गये हैं। --
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