loader

भिक्षुकों ने सेल्फ हेल्प ग्रुप ने निजी बैंक बनाया

आर्थिक तंगी से बचने के लिए भिक्षुकों ने सेल्फ हेल्प ग्रुप यानी निजी बैंक बनाया है। वर्तमान में शहर में तीन सेल्फ हेल्प ग्रुप में 34 सदस्य शामिल हैं। सभी ग्रुप में एक दर्जन से अधिक भिक्षुक सदस्य जुडे हुए हैं। 

fasalkranti.in
समाचार, 24 Sep, 2021, (अपडेटेड 24 Sep, 2021 03:44PM)

आर्थिक तंगी से बचने के लिए भिक्षुकों ने सेल्फ हेल्प ग्रुप यानी निजी बैंक बनाया है। वर्तमान में शहर में तीन सेल्फ हेल्प ग्रुप में 34 सदस्य शामिल हैं। सभी ग्रुप में एक दर्जन से अधिक भिक्षुक सदस्य जुडे हुए हैं। भिक्षाटन में मिले 20 रुपये प्रति सप्ताह सेल्फ हेल्प ग्रुप में प्रत्येक सदस्य जमा करते हैं। जरूरत पडने पर इससे लोन भी मिलता है।सेल्फ हेल्प ग्रुप की साप्ताहिक बैठक भी की जाती है। 

सामाजिक सुरक्षा कोषांग के कर्मी ने बताया कि भिक्षुकों के तीन सेल्फ हेल्प ग्रुप को बैंक में खाता खोलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कई बैंक से सम्पर्क भी किया गया है। जल्द ही सभी एसएचजी का खाता बैंक में खुलवाया जाएगा। मुख्यमंत्नी भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत भिक्षुओ की मदद के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई गई हैं। चयनित पांच भिक्षुकों को छोटे रोजगार के लिए दिये 10-10 हजार राशि सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा दी गई है। इसमें 5 हजार रुपये भिक्षुक को अनुदान दिया गया है। शेष 5 हजार रु पये आसान किस्तों में देना होगा। 

10 भिक्षुकों के लिए फिर 1 लाख 20 हजार रुपये सामाजिक सुरक्षा कोषांग को आवंटन प्राप्त हुआ है। जल्द ही दस भिक्षुओं को दस-दस हजार रु पये स्वरोजगार के लिए दिये जाएंगे।सभी भिक्षुक बॉक्स में गिराते रु पये : अलग-अलग ग्रुप के सदस्य प्रति सप्ताह देय रु पये अलग-अलग बक्से में गिराते हैं। इसकी चाबी किसी एक के पास तो रु पये का बक्सा दूसरे के पास रहता है। समय पर बक्सा खोला जाता है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न नामों से संचालित तीनों ग्रुप मिला कर लगभग 39 सौ से अधिक रुपये जमा भी हो चुके हैं। 

भिक्षुओं की स्वास्थ्य जांच सहित भिक्षुओं के बच्चों की पढाई, आदि मद में विभाग द्वारा राशि भेजी गई है। इस राशि से भिक्षुओं का दो बार स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वगैरह दी जाएगी। इसके लिए स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एण्ड सोशल वेलफेयर द्वारा मुख्यमंत्नी भिक्षावृत्ति निवारण योजना अंतर्गत 70 हजार रु पये दिए गए हैं। 

भिक्षुको का सर्वेक्षण आवश्यक प्रमाणीकरण यथा आधार कार्ड, बैंक खाता आदि सरकारी योजनाओं से जुडाव मद में 20 हजार, आउटटेच मोबलाइजेशन में 30 हजार, भिक्षुकों के बच्चे, बाल भिक्षुओं के पुनर्वास सामुदायिक आधारित शिक्षण प्रशिक्षण के लिए 50 हजार सहित अन्य मद के लिए राशि आवंटित की गई है। 

बिहार सर्कार ने सहरसा सहित भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, गया, नालंदा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर व पटना सहित 10 जिलों को वित्तीय वर्ष 21-22 के लिए मुख्यमंत्नी भिक्षावृत्ति निवारण योजना अंतर्गत स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एंड सोशल वेलफेयर द्वारा मदवार व्यय हेतु राशि दी गई है।

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

समाचार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

पाठकों की पसंद