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"मन की बात" के माध्यम से प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन के बाद खादी की बिक्री में कई गुना वृद्धि


खादी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा बार-बार की गयी अपील के कारण, 2014 के बाद से देश भर में खादी उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि हुई है। 

fasalkranti.in
समाचार, 26 Jul, 2021, (अपडेटेड 26 Jul, 2021 08:07PM)

खादी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा बार-बार की गयी अपील के कारण, 2014 के बाद से देश भर में खादी उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2016 से, नई दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में स्थित खादी इंडिया के प्रमुख आउटलेट पर एक दिन की बिक्री ने 11 अलग-अलग मौकों पर एक करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। प्रधानमंत्री ने खादी के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन का अपनेरेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के नवीनतम एपिसोड में विशेष उल्लेख किया। यह एपिसोड रविवार, 25 जुलाई को प्रसारित हुआ।

जो बात इस प्रदर्शन को और भी महत्वपूर्ण बनाती है, वह यह है कि आर्थिक संकट और कोरोना महामारी के डर के बावजूद, अक्टूबर-नवंबर 2020 में खादी की एक दिन की बिक्री चार मौकों पर एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गयी। इससे पहले 2018 में भी खादी के कनॉट प्लेस स्थित आउटलेट में एक दिन की बिक्री चार बारएक करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गई थी। दो अक्टूबर 2019 को, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के इसआउटलेट पर 1.27 करोड़ रुपये की बिक्री हुई जो किसी एक दिन में बिक्री का अब तक का रिकॉर्ड है।

PM Speakes on Khadi India  - Fasal Kranti

22 अक्टूबर, 2016 को पहली बार कनॉट प्लेस स्थित खादी इंडिया के आउटलेट पर एक दिन की बिक्री ने 1.16 करोड़ रुपये का आंकड़ा छुआ था। इससे पहले, खादी की एक दिन की सर्वाधिक बिक्री 66.81 लाख रुपये थी, जो "मन की बात" कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री के पहले संबोधन के एक दिन बाद चार अक्टूबर, 2014 को दर्ज की गई थी। अपने रेडियो कार्यक्रम के पहले एपिसोड में, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने की अपील की थी और कहा था कि इससे गरीब कारीगरों को दिवाली पर अपने घरों में दीया जलाने में मदद मिलेगी।

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने खादी की बिक्री में वृद्धि का श्रेय खादी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के निरंतर समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री की अपील के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों, विशेषकर युवाओं में खादी खरीदने के लिए रुचि पैदा हुई है। “स्वदेशी”को लेकर बढ़ती चर्चा से कोविड-19महामारी के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भी लाखों ग्रामोद्योगों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

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