loader

बिहार शरीफ में चंलत मिट्टी प्रयोगशाला 

फसल की अधिक पैदावार के लिए मिट्टी का स्वस्थ रहना आवश्यक है। उसमें पौषक तत्वों की सही मात्ना में रहने से कम लागत में अधिक पैदावार की जा सकती है। किसानों के लिए यही लाभ व कमाई 

fasalkranti.in
समाचार, 24 Sep, 2021, (अपडेटेड 24 Sep, 2021 03:47PM)

फसल की अधिक पैदावार के लिए मिट्टी का स्वस्थ रहना आवश्यक है। उसमें पौषक तत्वों की सही मात्ना में रहने से कम लागत में अधिक पैदावार की जा सकती है। किसानों के लिए यही लाभ व कमाई का मूलमंत्न भी है। इसके लिए मिट्टी की जांच होनी चाहिए। साथ ही जांच के बाद किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलता है। उसमें दर्ज सलाह के आधार पर ही खेतों में जिंक, फॉस्फेट, नाइट्रोजन या अन्य पोषक तत्वों को दें। 

चलंत मिट्टी जांच प्रयोगशाला में आए केंद्रीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला, पटना के सहायक अनुसंधान अधिकारी जवाहर लाल ने किसानों से कहा कि अधिक खाद देने से अधिक पैदावार होगी, यह गलत धारणा अब भी किसानों में मौजूद है। कई बार किसान अज्ञानता में ऐसे पोषक तत्व भी खेतों में डाल देते हैं, जिसकी आवश्यकता ही नहीं होती है। चलंत मिट्टी जांच प्रयोगशाला से हरनौत के मानिकपुर, बरहा, दलदलीचक, राजगीर के बेलौआ व रसलपुर पांच गांवों में 248 सैंपलों की जांच की गयी। जांच के बाद किसानों को इसकी जानकारी देते हुए कार्ड के अनुसार ही खेतों में पोषक तत्व डालने को कहा गया। पैदावार में नाइट्रोजन का बहुत अहम रोल होता है। 

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

समाचार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

पाठकों की पसंद