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 रीगा में किसान समागम का आयोजन आज

बिहार के सीतामढ़ी जिले में ईखोत्पादक संघ की कोर कमिटी की बैठक लोहिया आश्रम में संघ के अध्यक्ष नागेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आज रीगा किसान समागम है। संघ के उपाध्यक्ष

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समाचार, 18 Oct, 2021, (अपडेटेड 18 Oct, 2021 07:17PM)

बिहार के सीतामढ़ी जिले में ईखोत्पादक संघ की कोर कमिटी की बैठक लोहिया आश्रम में संघ के अध्यक्ष नागेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आज रीगा किसान समागम है। संघ के उपाध्यक्ष गुणानंद चौधरी ने विगत तीन दिनों से अगल- बगल के गांवों में किसानों से किए जा रहे संपर्ककिया और समागम में आने के लिए दिए जा रहे आमंत्नण दिया। उन्होंने बताया कि सिंघोरवा, रामपुर, बराही, कुसमारी, पंछोड़ आदि गांवों में जाकर किसानों सम्पर्क किया। पटरिहया, नरहा, बभनगामा, गणोशपुर बखरी गांव में संपर्क अभियान चलाया गया।

संघ के पूर्व अध्यक्ष लखन देव ठाकुर ने बताया कि एएनसीएलआर, कोलकाता का 8 अक्तूबर के आदेश का पूर्ण अध्ययन किए बगैर गलत बयानबाजी करके कुछ लोग जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रिब्यूनल का आदेश अनिल फिनान्स कंपनी बनाम रीगा सुगर कंपनी के बीच का है। मिल के जिम्मे बकाया 1 करोड़ 70 लाख तक की देनदारी को लेकर आदेश दिए गए हैं। मिल पर स्वामित्व या मिल चलाने को लेकर कोई जवाबदेही न तो उसके पास है और ना तो किसी अन्य किसी पक्ष ने किसान या मजदूर बकाया राशि के लिए ट्रिब्यूनल में अब तक कोई दावा पेश किया है। 

संघ के अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा रीगा चीनी मिल से जुड़े करीब 5 लाख की आबादी पूरी तरह संकट में घिर गई है। बिहार सरकार का गन्ना उद्योग विभाग इस संकट से किसानों को उबारने में बिल्कुल नकारा साबित हो रहा है। पिछले साल से ही रीगा से बार-बार आवाज उठ रही है कि मिल को चालू करो, तभी बकाया राशि का भुगतान हो पाएगा। विभागीय मंत्नी कह रहे हैं कि मिल को बेच देने से हीं समाधान हो सकता है । किसानों को इस साजिश को समझना चाहिए और अपने हक का समाधान ढूंढने के लिए आज रीगा किसान समागम में जुटकर निर्णायक फैसला लिया जाएगा।

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