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बाढ़ से 39 पंचायतों में भारी नुकसान

बाढ की विभीषिका के कारण सात प्रखंडों की 39 पंचायतों में तीन हजार 58 हेक्टेयर में पानी भर गया था। फलत: उसमें लगी फसल बर्बाद हो गयी। कई हेक्टेयर में धनरोपई  तक नहीं हो पायी। कृषि विभाग

fasalkranti.in
समाचार, 23 Sep, 2021

बाढ की विभीषिका के कारण सात प्रखंडों की 39 पंचायतों में तीन हजार 58 हेक्टेयर में पानी भर गया था। फलत: उसमें लगी फसल बर्बाद हो गयी। कई हेक्टेयर में धनरोपई  तक नहीं हो पायी। कृषि विभाग के सर्वे के मुताबिक इससे तीन करोड 15 लाख रु पए की क्षति का आकलन किया गया है। सबसे अधिक सरमेरा की नौ पंचायतों में 903 हेक्टेयर खेत बाढ से प्रभावित हुआ। 

जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस बार बाढ से बिहार के नालंदा की सात प्रखंडों में तबाही मची । हरनौत प्रखंड की पाकड पंचायत में 60, तेलमर में 25, कोलावां में 22, बसनियावां में 80, लोहरा में 30, चौरिया में 105 व पोआरी में 35 तो रहुई प्रखंड की फरीदा पंचायत में 170 व हवनपुरा में 230 हेक्टेयर फसल कीक्षति हुई। 

 

करायपरसुराय प्रखंड की मकरौता पंचायत में 25, सांध में 120, मखदुमपुर में 30, बेरथु में 110, गोंदुबिगहा में 95, करायपरसुराय में 10 व डियावां में 10 हेक्टेयर तो हिलसा प्रखंड की कावा पंचायत में 150, मिर्जापुर में 112, रेडी में 130, ओरावां में 90 व चिकसौरा में 167 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हुई। सरमेरा की मलावां पंचायत में 96, केनार में 181, धनुकी में 46, मीरनगर में 39, हुसैना में 110, सरमेरा में 46, चेरो में 310, ससौर में 37 व इसुआ में 38 हेक्टेयर तो एकंगरसराय प्रखंड की केशोपुर पंचायत में 10 व मंडाछ में 91 हेक्टेयर तो बिंद प्रखंड की बिन्द पंचायत में 179, ताजनीपुर में 15, जहाना में 10, लोदीपुर में 4, जमसारी में 4, कथराही में 4 व उतरथु में 3 हेक्टेयर में लगी फसल को क्षति हुई थी।

प्रखंड क्षति (हे. में)

सरमेरा- 903

हिलसा- 684

रहुई- 400

करायपरसुराय- 400

हरनौत- 357

बिन्द- 213

एकंगरसराय- 101

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