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डॉ. हर्षवर्धन ने वैश्विक योग सम्मेलन 2021 को संबोधित किया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शुरुआत में इस बात पर जोर दिया कि जब दुनिया मानव जाति के लिए समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण के बारे में बात करती है तो योग के हमारे प्राचीन ज्ञान का हमेशा उल्लेख किया जाता है।



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समाचार, 17 Jun, 2021, (अपडेटेड 17 Jun, 2021 03:00PM)

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नायक की उपस्थिति में वैश्विक योग सम्मेलन 2021 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। यह कार्यक्रम 'मोक्षायतन योग संस्थान' द्वारा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ मिलकर 7वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया जो 21 जून 2021 को पड़ता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शुरुआत में इस बात पर जोर दिया कि जब दुनिया मानव जाति के लिए समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण के बारे में बात करती है तो योग के हमारे प्राचीन ज्ञान का हमेशा उल्लेख किया जाता है। उन्होंने कहा, 'दुनिया भर में योग अभ्यास की बढ़ती स्वीकार्यता इसकी व्यापक लोकप्रियता का प्रमाण है। योग को दैनिक जीवन शैली के एक हिस्से के रूप में पश्चिमी देशों में भी देखा जाता है। यहां तक कि मौजूदा वैश्विक महामारी के दौर भी जब शारीरिक एवं मानसिक तंदुरुस्ती पर जोर दिया गया है तो कई लोगों ने इसके लिए योग की ओर रुख किया है।'

इस वर्ष योग दिवस मनाने के लिए मुख्य संदेश (योग करें, घर पर रहें) के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'इस वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के मद्देनजर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक गतिविधियां टाल दी गई हैं। यह संदेश कोविड-19 के समय में सबसे अधिक प्रासंगिक है क्योंकि इस समय हम सब के लिए आवश्यक है कि हम अपने समग्र स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सभी सावधानियों पर अमल करें। आबादी के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए योग के व्यापक और अच्छी तरह प्रलेखित फायदों को ध्यान में रखते हुए योग को प्रत्येक नागरिक तक ले जाना हमारी सरकार का उद्देश्य है।'

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए आह्वान की याद दिलाते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'यह सर्वविदित है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मूल हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए संबोधन में छिपा है जहां उन्होंने हर वर्ष 21 जून को योग को बढ़ावा देने और उसके फायदे को मनाने के लिए एक विशेष दिन के रूप में चिह्नित करने का विचार रखा था।'

डॉ. हर्षवर्धन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सार्वजनिक गतिविधियों पर कोविड संबंधी पाबंदियों के दौरान योग ने किस प्रकार लोगों की मदद की है। उन्होंने कहा, 'वास्तव में यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व की बात है कि हमारे देश की इस अनमोल विरासत को वैश्विक स्वीकृति मिली है। प्रतिरक्षा के निर्माण और तनाव के प्रबंधन में योग के फायदों को साक्ष्य के साथ अच्छी तरह से प्रलेखित किया गया है। वैश्विक योग सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों के साथ अधिक से अधिक लोगों को योग के अभ्यास एवं संबंधित गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। पिछले साल वैश्विक महामारी की शुरुआत के बाद से कई लोग अपने घर से काम कर रहे हैं और तमाम लोगों ने क्वारंटीन होने के प्रभाव को महसूस किया है। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए कई प्रतिबंधों के कारण शारीरिक तंदुरुस्ती को बनाए रखने के लिए अन्य लोकप्रिय तरीके, जैसे सार्वजनिक स्थान, पार्क, खेल और जिम बंद हो गए हैं। लोगों को नई वास्तविकताओं को स्वीकार करते हुए अतिरिक्त कार्यभार के साथ सीमित स्थानों में अधिक समय बिता रहे हैं जिससे उनमें तनाव के स्तर में वृद्धि भी देखी गई है। इन पाबंदियों के बीच योग शारीरिक तंदुरुस्ती को बनाए रखने के साथ-साथ मानसिक शांति को बेहतर करने के लिए भी एक समाधान प्रदान करता है।'

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि आज व्यापक तौर पर यह महसूस किया जा रहा है कि सभी के लिए स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। दुनिया भर के देशों ने योग को अपनाने से मानव जाति को होने वाले फायदे को पहचाना है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और विशेषज्ञता वाले प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया जो योग के लाभों को प्रचारित करने में शामिल हुए। उन्होंने इस सम्मेलन के आयोजन और आम लोगों के बीच स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्वामी डॉ. भारत भूषण और मोक्षायतन संस्थान का भी आभार व्यक्त किया। स्वामी डॉ. भारत भूषण कई दशकों से योग और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।डॉ. हर्षवर्धन ने यह विश्वास व्यक्त करते हुए अपने संबोधन को समाप्त किया कि यह सम्मेलन लोगों में योग अभ्यास और जीवन में होने वाले उसके लाभों के बारे में जागरूकता फैलाएगा।  हर घर को स्वच्छ नल का पानी उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तमिलनाडु के लिए केंद्रीय अनुदान की राशि को बढ़ाकर 3,691.21 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो कि 2020-21 में 921.99 करोड़ रुपये थी। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय जल जीवन मिशन द्वारा राज्य को पहली खेप के रूप में 614.35 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत ने आवंटन में चार गुना बढ़ोत्तरी को मंजूरी प्रदान करते हुए राज्य को 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण घर में नल जल आपूर्ति की व्यवस्था करने के लिए पूर्ण सहायता प्रदान करने का भी आश्वासन दिया है।
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