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सूर्यमुखी खेती नहीं करना चाहते हैं किसान

बिहार के सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्न में एक दशक पहले सूर्यमुखी की खेती बडे पैमाने पर की जाती थी लेकिन अब इन इलाकों में सूर्यमुखी की खेती विलुप्त होने के कगार पर है। 

fasalkranti.in
समाचार, 26 Aug, 2021, (अपडेटेड 26 Aug, 2021 06:28PM)

बिहार के सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्न में एक दशक पहले सूर्यमुखी की खेती बडे पैमाने पर की जाती थी लेकिन अब इन इलाकों में सूर्यमुखी की खेती विलुप्त होने के कगार पर है। इसकी जगह किसान अब मक्का सहित अन्य फसलों की खेती करने लगे हैं। जानकार बताते हैं कि कुछ साल पहले किसान सूर्यमुखी की खेती करते थे लेकिन किसानों को उचित बाजार न मिलने के कारण सूर्यमुखी की खेती से मुंह मोड कर उनकी जगह मक्का सहित अन्य फसलों की खेती करने लगे हैं। 

किसान राजेंद्र यादव, भूमि यादव, गोलू सरदार, संजीव महतो, भोली चौधरी आदि ने बताया कि एक जमाना था जब पैदावार भी अच्छी होती थी। इसका तेल निकालकर घर में ही इस्तेमाल करते थे और बची फसल को बाजार में बेच देते थे लेकिन अब इसका उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों इसकी खेती से अपना ध्यान हटाकर मक्का, गेहूं, हरी सब्जी की खेती करने लगे हैं।

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